राष्ट्रीय प्रतियोगिता खेल चुका ये खिलाड़ी मदद की आस लिये दर-दर भटक रहा

News Room Uttrakhand

देहरादून। वर्ष 1994-95 में उत्तराखंड की बास्केटबॉल टीम के सदस्य रहे सितारगंज निवासी कय्यूम अली मदद के लिए भटक रहे हैं। गंभीर बीमारी से ग्रस्त कय्यूम बुधवार को मदद की गुहार लगाने उपश्रमायुक्त कार्यालय पहुंचे लेकिन उनके हाथ निराशा ही लगी। श्रम परिवर्तन अधिकारी ने उन्हें मदद के लिए समाज कल्याण कार्यालय में जाने की राय दी। 

कय्यूम अली ने बताया कि 1994-95 में उसने उत्तराखंड के लिए राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया। 7.5 फुट लंबा कद होने के कारण उनकी वजह से टीम आसानी से जीत जाती थी। 1995 के अंत में उनका चयन राष्ट्रीय बास्केटबॉल टीम में होने वाला था। लेकिन तेज बुखार के बाद उनकी तबियत बिगड़ गई और वह दिव्यांग हो गए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में शामिल नहीं सके। एम्स अस्पताल में उनका दो बार इलाज हो चुका है। इलाज के अपनी पुश्तैनी जमीन बेचनी पड़ी। उसके बाद से ही उनका परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने सरकार से इलाज करवाने की गुहार भी लगाई थी। वर्तमान में उनकी हाथ की हड्डियां बढ़ रही हैं। इससे हाथ टेढ़े-मेढ़े हो गए हैं। 

उन्होंने बताया कि सीएम के पीआरओ को फोन किया तो उन्होंने समस्या उपश्रमायुक्त कार्यालय में दर्ज कराने की बात कही थी। उन्हें चार पहियों वाली स्कूटी की जरूरत है। श्रमप्रवर्तन अधिकारी अनिल पुरोहित से उन्होंने चार व्हीलर स्कूटी और आर्थिक मदद की गुहार लगाई। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने उन्हें समाज कल्याण कार्यालय में जाने की राय दी।

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