सौतेले बाप ने बच्चे के रोने की वजह से दी दर्दनाक मौत, जानिए पूरा मामला

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टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड के टनकपुर शहर के वार्ड चार निवासी दो साल के मासूम सोनू की मौत दवा के रिएक्शन से नहीं बल्कि सौतेले बाप के उसके सीने पर लात मारने से हुई थी। आरोपी ने बेटे की हत्या के बाद पत्नी को भी जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने की हिदायत दी थी।

पुलिस ने मासूम की मां से पूछताछ के बाद हत्या के रहस्य का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी सौतेले बाप को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया है। बता दें कि रविवार को शहर के वार्ड संख्या चार निवासी नरेश कुमार के दो वर्षीय बेटे सोनू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।

परिजन सोनू को अचेत अवस्था में संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंचे तो वहां चिकित्साधिकारी डॉ. निहाल अख्तर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन मासूम के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे कि इस बीच किसी ने पुलिस को सोनू के सौतेले बाप नरेश के ही मासूम की हत्या करने सूचना दे दी।

इसके बाद पुलिस ने मां से पूछताछ की तो उसने पति के ही मासूम की हत्या करने का राज खोल दिया। पुलिस ने मासूम सोनू के शव को कब्जे ले लिया। थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया जांच पड़ताल में सौतेले बाप नरेश कुमार के ही मासूम की हत्या करने की बात सामने आई है।

बेटे की हत्या के बाद आरोपी नरेश भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे बनबसा सैनिक छावनी की आफिसर्स कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी को आईपीसी की धारा 302 और 506 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

आरोपी बाप नरेश ने किसी और वजह से नहीं बल्कि मासूम के रोने की वजह से हत्या की। आरोपी के गुस्से में सीने पर लात मारने के बाद सोनू 24 घंटे तक तड़पता रहा, लेकिन पत्नी के कहने के बाद भी नरेश उसे उपचार के लिए अस्पताल नहीं ले गया।

शहर के रेलवे कॉलोनी वार्ड संख्या चार निवासी शबाना ने अपने पहले पति राजू मियां से संबंध विच्छेद कर एक पुत्र और एक पुत्री के साथ पीलीभीत जिले के देवरिया निवासी नरेश पुत्र हीरा लाल के साथ विवाह किया था। बताया गया कि नरेश मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था, लेकिन पत्नी के साथ आए दोनों सौतेले बच्चे से उसे कोई लगाव नहीं था।

वह शबाना के पहले पति से जन्मे दोनों बच्चों से नफरत करता था। शनिवार को आरोपी सो रहा था कि इस बीच उसका दो साल सौतेला बेटा सोनू रोने लगा। इससे पहले की शबाना सोनू को चुप कराती नरेश ने नींद से उठकर सोनू के सीने पर लात मार दी।

थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि पत्नी शबाना घायल सोनू को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की गुहार लगाती रही, लेकिन नरेश को मासूम की हालत पर जरा भी दया नहीं आई। सोनू तड़पता रहा, लेकिन उसे उपचार के लिए ले जाने के बजाय अपनी पत्नी को अपनी जुबां बंद रखने की हिदायत देकर जान से मारने की धमकी देता रहा।

24 घंटे तक तड़पने के बाद जब मासूम की सांसें थम गईं तो आरोपी उसे लेकर अस्पताल पहुंचा। वह मासूम को पेट दर्द की दवा खिलाने की बात कह डॉक्टर और पुलिस को गुमराह करता रहा।

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