उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में बारिश से हुई भारी तबाही, एक महिला की मौत

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देहरादून। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और चमोली जिले में सोमवार रात हुई भारी बारिश से बर्बादी का आलम पसर गया है। यहां कई घर मलबे में दफन हो गए हैं। बीआरओ का पुल टूट गया है। कई घरों में बरसात का पानी घुस गया है। जीबली गांव में एक महिला लापता बताई जा रही है।

वहीं चमोली जिले में सोमवार तड़के बादलों ने खूब कहर मचाया है। इसी तरह चमोली में बादल फटने से एक घर मलबे की चपेट में आ गया। हादसे में एक महिला की मौत हुई है और एक बच्ची घायल है। इसके अलावा मवेशियों को भी नुकसान पहुुंचा है।

धारचूला मुनस्यारी में बारिश ने तबाही मचाई है। यहां बीआरओ का पुल बह गया है। 100 से अधिक गावों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जराजीबली, गलाती, बरम सहित कई गावों में पानी घुसने से लोगों में दहशत है।

बादल फटने से एक महिला की मौत
चमोली के घाट ब्लॉक के पडेर गांव के तिमदो थोक में बादल फटने से घर में मलबा और पानी घुसने से एक महिला की मौत हो गयी और एक बच्ची घायल है।

चमोली जिले में देर रात से हो रही भारी बारिश मंगलवार को सुबह 08 बजे थमी। पडेर गांव में तड़के 03 बजे बादल फटने से रघुवीर सिंह का मकान मलबे की चपेट में आ गया। इस दौरान घर में 04 सदस्य सो रहे थे, जिसमें से देवेश्वरी देवी मलबे में दब गई और 12 वर्षीय प्रीता घायल हो गयी।

ग्रामीणों ने घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाया और मृतका के शव को मलबे से  निकाला। ग्राम प्रधान पुष्कर सिंह ने बताया कि गांव में इसके अलावा मवेशियों को और अन्य नुकसान भी हुआ है, जिसकी सूचना प्रशासन को दी गयी है।

भारी बारिश से गलाती में तीन मकानों में घुसा पानी
धारचूला तहसील मुख्यालय में देर रात भारी बारिश हुई। गलाती गांव में गलाती गाड़ का पानी कुछ घरों में घुस आया। लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी पूर्व प्रधान रमतोली गीता देवी ने प्रशासन को दी।

गलाती गाड़ के उफान से लोग डरे और सहमे हैं। लुमती गांव भी मलबे से पट गया है। फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं है। जारा जीबली में एक महिला हीरा देवी (45) साल लापता बताई जा रही है।

पिथौरागढ़ में भूस्खलन में मकान जमींदोज, मां-बेटे सहित तीन की मौत
रविवार रात को सीमांत क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से बंगापानी तहसील के धामीगांव में हुए भूस्खलन से एक मकान जमींदोज हो गया था। मलबे में दबने से मां-बेटे और तेजम तहसील के गूंठी गांव में पहाड़ी से हुए भूस्खलन की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई थी।

एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मलबे में दबे शवों को बाहर निकाला। मौसम के कहर से मुनस्यारी और धारचूला विकासखंडों के लोग भयभीत हैं। जिले में बारिश से 21 सड़कें बंद चल रही हैं।

रविवार रात पहाड़ी से हुए भूस्खलन से बंगापानी के धामीगांव के भ्यूला तोक में विशन देवी का मकान मलबे के साथ बह गया था। इस घटना में 55 वर्षीय विशना देवी पत्नी हयात सिंह और जवाहर सिंह पुत्र हयात सिंह मलबे में दबने से मौत हो गई।

40 बकरियां, दो भैंस, दो बैल, दो गाय और एक कुत्ता भी मलबे में दफन हो गए। तेज बारिश के शोर के कारण रात को घटना का पता नहीं चल सका। सुबह होने पर जब लोग घरों से बाहर निकले तो मकान की जगह खाई बनी हुई थी।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पैदल जाना पड़ा
क्षेत्र पंचायत सदस्य भगत सिंह मेहरा और प्रधान कुमेर राम आर्या ने इसकी सूचना पुलिस और तहसील प्रशासन को दी। मलबे के कारण सड़कें बंद होने से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों को पैदल गांव तक जाना पड़ा।

पुलिस टीम के साथ एनडीआरएफ के जवान सुबह 10 बजे धामी गांव पहुंचे। इसके बाद मौके पर रेस्क्यू चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जवाहर सिंह का शव बरामद हो सका, जबकि विशना देवी की मलबे में तलाश जारी थी।

धारचूला के उपजिलाधिकारी एके शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उधर, सोमवार सुबह बांसबगड़ घाटी के गूंठी गांव में पहाड़ी से भूस्खलन की चपेट में आने से घर से कुछ दूर पानी भरने जा रही जानकी देवी (37 वर्ष) पत्नी भूपाल सिंह की मलबे और बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई।

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