कोरोना की चपेट में आये वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, जानिए पूरा मामला

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में ओएनजीसी अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिसके बाद उन्हें राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। कोरोना के स्टेट कोआर्डिनेटर एवं दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉक्टर एनएस खत्री ने वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि की है। वे इस समय दिल्ली के ओएनजीसी अस्पताल में तैनात हैं।

जानकारी के अनुसार, ओएनजीसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जीएमएस रोड स्थित कॉलोनी में रहते हैं। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर 59 वर्षीय चिकित्सा अधिकारी ने डॉक्टरों से चेकअप कराया था।

कोरोना का संदेह होने पर 12 तारीख को उन्होंने निजी अधिकृत लैब से कोरोना सैंपल की जांच कराई। जांच में कोरोना की पुष्टि होने के बाद अस्पताल में भी हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, अस्पताल या अन्य जगह उनके संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि वह इस अवधि में किन-किन लोगों से मिले हैं।

नई रणनीति से प्रदेश में घट रही कोरोना सैंपलों की प्रतीक्षा सूची
प्रदेश में कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की नई रणनीति से सैंपलों की वेटिंग कम हुई है। वहीं, प्रदेश की सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच का दबाव कम हुआ है। एनसीडीसी दिल्ली, चंडीगढ़ स्थित पीजीआई और एक निजी लैब से प्रदेश के सैंपलों की जांच कराई जा रही है।

एक सप्ताह पहले जांच के लिए भेजे गए कोविड सैंपलों की वेटिंग सात हजार से अधिक पहुंच गई थी। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग के नई रणनीति बनाई। वर्तमान में दून, श्रीनगर, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज,  एम्स ऋषिकेश, आईआईपी और एक निजी पैथोलॉजी लैब में कोरोना सैंपलों की जांच की जा रही है।

प्रदेश में सैंपलिंग बढ़ाने से जांच के लिए सैंपलों का बैकलॉग बढ़ गया था। जिससे संदिग्ध लक्षण वाले मरीज की रिपोर्ट देरी से मिल रही थी। सरकार ने एनसीडीसी, पीजीआई चंडीगढ़ और सीएसआईआर इम्टेक प्राइवेट लैब से भी सैंपलों की जांच कराने का निर्णय लिया था। इसके बाद इन संस्थानों से भी जांच कराई जा रही है।

अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि प्रदेश में सैंपलों की वेटिंग कम हो रही है। प्रदेश से बाहर भी सैंपलों की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आईवीएसआर मुक्तेश्वर में सैंपलों की जांच शुरू की जाएगी।

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