अपने हालात के बारे में बताते-बताते रो पड़े अभिनेता राजेश करीर

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मुंबई। सीरियल ‘बेगुसराय’ फेम टीवी अभिनेता राजेश करीर ने अपने बच्चे के स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दिया है। एक बातचीत में उन्होंने बताया कि वे गुरुवार तक पंजाब जाने की प्लानिंग में हैं। हालांकि, उनका इरादा मुंबई हमेशा के लिए छोड़ने का नहीं हैं। इसकी वजह वे अपनी उम्र को मानते हैं। उन्हें लगता कि इस उम्र में वे नया स्किल नहीं सीख सकते। इस दौरान वे तब रो पड़े, जब उन्होंने कहा कि अगर वे शर्म के कारण मरने का रास्ता चुन लेते तो उनके परिवार की मुश्किलें और बढ़ जातीं।

हमेशा के लिए मुंबई छोड़ने का इरादा नहीं

मीडिया से बातचीत में करीर ने कहा, “यह (मुंबई ) वो जगह है, जहां मैंने जिंदगीभर काम किया। मैं इस उम्र में नया स्किल नहीं सीख सकता। मुझे निकट भविष्य में ये परिस्थितियां (कोरोनोवायरस महामारी के चलते बने मुंबई के हालात) सुधरती नजर नहीं आतीं। अच्छे काम के इंतजार में मैं 6-8 महीने का इंतजार करने में सक्षम नहीं हूं। इसलिए मेरा प्लान है कि मैं अपने पैतृक गांव जाऊं और कुछ छोटा-मोटा काम शुरू करूं। पंजाबी फिल्मों में भी किस्मत आजमाऊंगा। मुंबई मेरे दिल में बसी है। इसलिए जब भी यह शहर बुलाएगा, मैं वापस आ जाऊंगा।”

एक्टर्स और टेक्नीशियंस के नॉन पेमेंट इश्यु पर भी बोले

करीर ने टीवी एक्टर्स और टेक्नीशियंस के नॉन पेमेंट इश्यु को लेकर कहा, “मेरे पास कुछ महीने पहले पैसे नहीं थे और मैंने देखा कि प्रोड्यूसर्स एक्टर्स और टेक्नीशियंस को उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं करना चाहते। उनके लिए यह परिस्थिति ठीक है, जिनका एक करोड़ रुपए का बैंक बैलेंस है। लेकिन हमारे जैसे लोगों का क्या?”

सोशल मीडिया पर मदद की गुहार क्यों लगाई?

जब करीर से पूछा गया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार क्यों लगाई तो वे बोले, “लोग पेमेंट नहीं देते। एक-एक साल हो जाता है और दो दिन का पेमेंट नहीं मिलता। इस हालात में क्या करें? या तो उसका बैकग्राउंड सॉलिड हो या उसको रेगुलर काम मिल रहा हो। 30 जुलाई 2019 के बाद मैंने एक दिन भी काम नहीं किया। वह कहां से पैसे लाएगा, जिसने करीब 11 महीने से काम ही न किया हो ?मेरे पास सिर्फ एक ही ऑप्शन था कि मैं खुलकर सभी से मदद मांगूं। या तो मैं शर्म से मर सकता था या फिर जिंदगी जीने का रास्ता खोज सकता था।जब जिंदगी को चुना तो मुझे सभी का समर्थन मिला।

बात करते-करते रो पड़े करीर

बातचीत में राजेश यह कहते-कहते रो पड़े कि अगर वे मौत को चुनना का फैसला लेते तो ये उनके बच्चों और परिवार के लिए मुश्किल ही पैदा करता। वे कहते हैं, “खुलकर सामने आना और मदद मांगना आसान नहीं है। खुद को मारना पड़ता है।”

पंजाबी फिल्मों में काम की उम्मीद पर

पंजाबी फिल्मों में काम मिलने की उम्मीद पर करीर कहते हैं, “यह इसलिए है, क्योंकि मैं कुछ और नहीं जानता। मैं सिर्फ एक्टिंग जानता हूं और बीते सालों में यह ही की है। मैं 50 साल का हूं और फिलहाल कुछ और नहीं कर सकता। अगर आप मुझे एक लाख रुपए देकर 6 महीने तक कुर्सी पर बैठने को कहेंगे तो मैं यह नहीं कर पाऊंगा। मुझे इसकी आदत नहीं है।”

बेटे के विज्ञापन से हुई थी आखिरी कमाई

करीर ने इस दौरान अपने परिवार की आखिरी इनकम के बारे में भी बताया, जो उनके बेटे को एक विज्ञापन में सचिन तेंदुलकर के साथ काम करने के बाद मिली थी। वे कहते हैं, “मेरे बेटा इंट्रेस्टेड था। इसलिए मैंने उसे दूसरे 5-6 बच्चों के साथ इस विज्ञापन में काम करने की अनुमति दे दी। वह अभी 11 साल का है। उसके द्वारा कमाया पैसा हमारे परिवार की आखिरी कमाई थी।”

सोनू सूद ने भी किया था फोन

करीर कहते हैं, “मुझे सोनू सूद ने भी फोन किया था। वे बहुत से लोगों की मदद कर रहे हैं। वे जानते हैं कि ताजा हालात में इस शहर में सर्वाइव करना कितना मुश्किल है। हम तो यह भी नहीं जानते कि कब पूरी तरह काम मिलना शुरू होगा।”

2 जून को वायरल हुआ करीर का वीडियो

2 जून को सोशल मीडिया पर राजेश करीर का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके हालात नाजुक बने हुए हैं। करीर ने इस वीडियो में 300, 400, 500 रुपए की मदद मांगी थी, ताकि वे अपने नेटिव प्लेस पंजाब जा सकें। करीर ने निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि लॉकडाउन के चलते बने हालात को देखते हुए काम मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।

उनके वीडियो को देखने के बाद ‘बेगुसराय’ में उनकी बेटी की भूमिका कर चुकीं शिवांगी जोशी ने उन्हें 10 हजार रुपए की मदद भेजी थी। कई अन्य लोगों ने भी उनके अकाउंट में पैसे डाले थे। इसके बाद करीर ने एक अन्य वीडियो साझा कर लोगों से अपील की थी कि अब उनके खाते में पैसे न डालें। क्योंकि उनके पास पर्याप्त राशि हो चुकी है।

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