जनता कर्फ्यू के दौरान ट्रेनों की आवाजाही पर रहेगी रोक, पढ़िये ख़बर

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया गया है। इसके मद्देनजर शनिवार की रात 12 बजे से रविवार की रात 10 बजे तक कोई भी पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलेगी। सूत्रों के मुताबिक, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें भी सुबह 4 बजे रोक दी जाएंगी। इसके साथ ही उपनगरीय (लोकल) ट्रेन सेवाओं को घटाकर न्यूनतम स्तर पर लाया जाएगा। रेल अधिकारियों के मुताबिक, जनता कर्फ्यू के दौरान कुल 2400 यात्री ट्रेनें नहीं चलेंगी। इनमें 1300 मेल एक्सप्रेस गाड़ियां, पैसेंजर ट्रेनें और बड़ी संख्या में उपनगरीय ट्रेनें शामिल हैं।

कोरोनावायरस के मद्देनजर, गैर जरूरी यात्रा टालने के लिए रेलवे पहले ही 245 यात्री गाड़ियां रद्द कर चुका है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में ऑन बोर्ड कैटरिंग सर्विस को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) की ओर से बताया गया कि संक्रमण रोकने के लिए उसके द्वारा संचालित फूड प्लाजा, जन आहार केंद्र और सेल किचन भी बंद करने का फैसला किया गया है।

दिल्ली-बेंगलुरु में मेट्रो और हरियाणा में बसें बंद रहेंगी

22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन दिल्ली में मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमरसी) की ओर से ट्वीट कर बताया गया कि यह कदम लोगों को घर पर रुकने और भीड़ में दूरी बनाने के लिए किया गया है। वहीं, रविवार को हरियाणा में बस सर्विस भी बंद रहेगी।

मोदी ने रविवार को जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की

देश में कोरोनायरस के बढ़ते मामलों और गंभीर होते हालात के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने गुरुवार को देश को संबोधित किया था। उन्होंने रविवार यानी 22 मार्च को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की। यह जनता के लिए, जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू होगा। उन्होंने कहा कि इस 14 घंटे के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले। शाम 5 बजे अपने-अपने घरों में से ही ताली बजाकर, थाली बजाकर, घंटी बजाकर एकदूसरे का आभार जताएं और इस वायरस से लड़ने के लिए एकजुटता दिखाएं।

बुजुर्गों से घर के अंदर ही रहने की सलाह दी

प्रधानमंत्री मोदी ने सामाजिक तौर पर दूरी बनाए रखने की बात पर जोर देते हुए कहा था कि हर देशवासी अगले कुछ हफ्तों तक बहुत जरूरी न होने पर बाहर जाने से बचे। 60 से 65 साल या उससे ज्यादा उम्र के बुजुर्ग घर में ही रहें। उन्होंने एनसीसी, खेल संगठन और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से भी इसके लिए जागरुकता लाने की अपील भी की।

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