कोरोनावायरस के चलते 31 मार्च तक बन्द किये गए उत्तराखंड के ये प्रसिद्ध मंदिर

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देहरादून। कोरोना वायरस के चलते गढ़वाल और कुमाऊं में एक तरह से कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं। सभी पर्यटन स्थलों के अलावा मंदिरों में भी पर्यटकों के आने पर रोक लगा दी गई है। वहीं नेपाल सीमा से बिना स्वास्थ्य जांच कराए हुए कोई भी नागरिक भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। एक तरफ जहां सिद्धबली बाबा मंदिर बंद कर दिया गया है तो वहीं, कैंचीधाम, बैजनाथ और जागेश्वर में भी 31 मार्च तक पर्यटकों की एंट्री बैन कर दी गई है।

मंगलवार को अल्मोड़ा के स्मारक, पुरास्थल और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संग्रहालयों को पर्यटकों के लिए 31 मार्च तक बंद करने के आदेश हुए हैं। केंद्रीय परिवार कल्याण मंत्रालय की सलाह के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने जागेश्वर धाम, संग्रहालय, कटारमल और द्वाराहाट समेत जिले के करीब 12 मंदिरों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाने पर आदेश जारी किया है।

उधर, केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने बैजनाथ धाम में भी दर्शन पर पाबंदी लगा दी है। इसके चलते यहां आए कई पर्यटक बगैर दर्शन किए लौट गए। शासन के आदेशानुसार मंदिर के पुजारी ही सुबह-शाम पूजा करेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। इसके अलावा, कुमाऊं भर में सभी शैक्षणिक गतिविधियां बंद हैं।

इसी कड़ी में डीएसबी परिसर के इतिहास विभाग की ओर से 21 से 23 मार्च तक प्रस्तावित ‘प्राचीन ज्ञान एवं समकालीन ब्रह्मांड: स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विशेष संदर्भ में’ विषयक तीन दिनी सेमिनार भी स्थगित कर दिया गया है।

चंपावत डीएम ने सीएमओ को टनकपुर बैराज में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र में तैनात डॉक्टरों की टीम के लिए बैठने की उचित व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिना स्वास्थ्य परीक्षण के किसी भी व्यक्ति को नेपाल से भारत में प्रवेश न करने दिया जाए। कोरोना वायरस के चलते होटलों की बुकिंग कैंसिल हो रही हैं। होली के बाद से अकेले चंपावत जिले में होटल कारोबार 30 से 35 प्रतिशत तक गिर गया है। कोरोना वायरस का खौफ इस कदर है कि बाजारों में भी सन्नाटा हुआ है।

31 तक सिद्धबली बाबा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कोटद्वार के प्रसिद्ध सिद्धबली बाबा मंदिर को 31 मार्च तक श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया है, जबकि मंदिर के पुजारी मंदिर में नियमित रूप से पूजा अर्चना करते रहेंगे।

श्री सिद्धबली मंदिर में कोटद्वार, भाबर, उत्तर प्रदेश के बिजनौर, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फर नगर,  दिल्ली, हरियाणा, हरिद्वार, देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु सिद्धबली बाबा के दर्शनों को आते हैं। रोजाना सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है, जो शाम को बाबा की आरती तक जारी रहती है। मंदिर में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच कोरोना वायरस के फैलने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 18 से 31 मार्च तक मंदिर को श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा ज्चालपा देवी मंदिर और यमकेश्वर का प्रसिद्ध नीलकंठ महादेव मंदिर में भी 31 मार्च तक श्रद्धालुओं के दर्शन करने पर पाबंदी लगा दी गई है। एसडीएम योगेश मेहरा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी पौड़ी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

ऋषिकेश में नदी तट पर सामूहिक गंगा आरती पर रोक, चौरासी कुटिया भी बंद

कोरोना के प्रकोप को देखते हुए ऋषिकेश में नदी तट पर सामूहिक गंगा आरती पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी पौड़ी धीराज सिंह ने आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं उत्तराखंड के प्रसिद्ध मेले झंडेजी, मां पूर्णागिरि का भी समय से पहले समापन कर दिया गया है।

इस बार चंपावत में चैती मेला आयोजित नहीं किया जाएगा। उत्तराखंड में प्रदर्शन, शादी और धार्मिक आयोजनों में 50 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक लगा दी गई है। देहरादून के स्पोर्ट्स कॉलेज में बाहरी खिलाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं राजनितिक पार्टियों ने अपने कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए हैं।

बीटल्स आश्रम चौरासी कुटिया 31 मार्च तक सैलानियों के लिए बंद
यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी ने प्रदेश में कोरोना वायरस की आशंका को देखते हुए वन विभाग को बीटल्स आश्रम चौरासी कुटिया को बंद करने के निर्देश दिए। मंगलवार को यमकेश्वर विधायक ऋतु खंडूड़ी ने प्रदेश में कोरोना वाइरस की आशंका को देखते स्वर्गाश्रम लक्ष्मणझूला भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किए जाने वाले आयोजन पर रोक लगाने के लिए निर्देश दिए है।

उन्होंने बीटल्स आश्रम चौरासी कुटिया में विदेशी सैलानियों की अत्यधिक भीड़ के कारण वन विभाग के उच्च अधिकारियों से बात कर इसे बंद करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि चौरासी कुटिया में विदेशी सैलानियों का अत्यधिक आवागमन बना रहता है। इस घातक वायरस को विदेशियों द्वारा ही भारत में आया है। इसके अलावा पर्यटक क्षेत्र लक्ष्मणझूला और स्वर्गाश्रम में सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाने के निर्देश विधायक ऋतु खंडूड़ी ने दिया है।

स्वर्गाश्रम में 31 मार्च तक सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक

नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक प्रशासन ने भी क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी होटल, धर्मशालाओं, आश्रमों को 31 मार्च तक सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं। इस अलावा उन्होंने गंगा घाटों पर होने वाली सार्वजनिक गंगा आरती और योग शिविरों पर रोक लगाई है। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने अपने सभी पर्यावरण मित्रों को मास्क, दस्ताने और सेनेटाइजर का वितरण किया। इसके अलावा उन्होंने पूरे नगर क्षेत्र में कीटनाशक दवाई का भी छिड़काव कराया गया। इस दौरान उन्होंने लोगों को मास्क व सेनेटाइजर का उपयोग करने के लिए जागरूक किया।

उन्होंने क्षेत्र के सभी गंगा घाटों की प्रतिदिन धुलाई, सार्वजनिक शौचालयों और सार्वजनिक स्थानों पर सेनेटाइजर और साबुन की व्यवस्था कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने कहा कि क्षेत्र में प्रतिदिन कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव, सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता और सेनेटाइजर वितरण आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। अधिशासी अधिकारी मोहन प्रसाद गौड़ ने भी लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक होने को कहा है।

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