यस बैंक को लेकर आरबीआई ने दिलाया भरोसा

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नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सोमवार को यस बैंक के ग्राहकों को भरोसा दिलाया। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि यस बैंक के पास पर्याप्त नकदी है और राज्य सरकारों को वहां से पैसा ना निकालें। शक्तिकांत दास ने कहा यस बैंक पर लगे सभी प्रतिबंध बुधवार को हटा लिए जाएंगे और नया बोर्ड 26 मार्च को चार्ज संभाल लेगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर बैंक को लिक्विडिटी मुहैया कराई जाएगी।

पीएमसी और यस बैंक की तुलना नहीं कर सकते- शक्तिकांत दास

शक्तिकांत दास ने कहा- बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए एक लाख करोड़ रुपए का एलटीआरओ (लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन) लाया जाएगा। 23 मार्च को डॉलर-रुपया स्वैपिंग के जरिए आरबीआई बाजार में 2 बिलियन डॉलर डालेगी।प्राइवेट सेक्टर के बैंक की सेहत अच्छी है और यस बैंक के पास पर्याप्त नकदी है। यस बैंक को जरूरत के हिसाब से नकदी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पीएमसी और यस बैंक के मामले अलग-अलग हैं। दोनों बैंकों की आपस में तुलना नहीं कर सकते।

ब्याज दरों में कटौती का इशारा

ब्याज दरों में कटौती पर पूछे गए एक सवाल में उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर यह फैसला केवल मौद्रिक समीक्षा की बैठक में ही लिया जा सकता है। उन्होंने इशारा किया कि एमपीसी की अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती की जा सकती है। दास ने कहा कि समय से पहले रेट कटौती पर इनकार नहीं है, लेकिन रेट कटौती का फैसला एमपीसी की बैठक में होगा।

कोरोना के दौरान डिजिटल पेमेंट बेहतर विकल्प

कोरोनावायरस को लेकर आरबीआई गवर्नर ने कहा- कोरोनावायरस में आ रही तेजी मानव विपदा बन रही है। अब भारत भी कोरोनावायरस से अछूता नहीं है। इसके चलते भारत की जीडीपी ग्रोथ पर भी असर होना तय है। एमपीसी में कोरोना के असर का ध्यान रखा जाएगा। कोरोना से बचाव के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। एमपीसी की बैठक में कोरोना के असर पर भी चर्चा होगी। कोरोना संकट के दौरान डिजिटल पेमेंट सबसे बेहतर विकल्प है। टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और एयरलाइंस समेत कई सेक्टर्स पर कोरोना वायरस का असर पड़ रहा है। वित्तीय बाजार की सेहत ठीक रखने के लिए आरबीआई ने जरूरी कदम उठाए हैं।

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