जनसेवी भावना पांडे ने कहा- उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को सड़कों पर ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है

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देहरादून। वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी, प्रसिद्ध जनसेवी एवं जनता कैबिनेट पार्टी (जेसीपी) की केंद्रीय अध्यक्ष भावना पांडे ने उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को लेकर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं पर अत्याचार किया जा रहा है एवं उनके हक़ की आवाज़ को दबाया जा रहा है।

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि बेरोजगार युवा पिछले दस दिनों से गांधी पार्क के बाहर धरना दे रहे थे। मांगें पूरी नहीं होने पर बुधवार को वे अपनी मागों को लेकर सड़कों पर आकर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान पुलिस ने करीब 30-40 युवाओं को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें बलपूर्वक पुलिस लाइन ले जाया गया।

देवभूमि की बेटी भावना पांडे ने कहा कि सिंचाई विभाग के 228 पदों को वर्तमान में गतिमान संयुक्त कनिष्ठ अभियंता भर्ती परीक्षा में समायोजित करने की मांग को लेकर बेरोजगार युवा पिछले दस दिनों से गांधी पार्क के बाहर धरना दे रहे थे। युवाओं के आंदोलन के बावजूद सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिस वजह से बेरोजगारों को सड़कों पर आकर प्रदर्शन करने को विवश होना पड़ रहा है।

जेसीपी अध्यक्ष भावना पांडे ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के साथ नाइंसाफी की जा रही है। रोजगार पाने के अपने हक़ की आवाज़ उठाने वाले युवाओं को पुलिस द्वारा बलपूर्वक गिरफ्तार किया जाता है। जो वाकई शर्मनाक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आज बाहरी राज्यों के लोग धड़ल्ले से नौकरियां पा रहे हैं जबकि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को सड़कों पर ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर विभिन्न संगठनों के बेरोजगार युवा और महिलाएं आज सड़कों पर आंदोलन करने को विवश हो रहे हैं किन्तु सरकार उदासीन बनी हुई है। वहीं प्रदेश में भर्ती घोटाले उजागर हो रहे हैं। उन्होंने बड़ा सवाल करते हुए कहा कि क्या हमने इसलिए अलग उत्तराखंड राज्य लिया था कि हमारे युवाओं को रोजगार पाने के लिए तरसना और सड़कों पर आंदोलन करना पड़ेगा।

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