Inke Saharey, A poem from RadhikaSpeaks.com

इनके सहारे

Poems

ना रोको अपनी यादों के
सिलसिलो को,
तुम तो आते नहीं,
इन्हें तो आने दो,
कुछ पल, कुछ पहर
ठहर जाएँगी पास हमारे,
कुछ वक्त और जी
लेंगे इनके सहारे.

राधिका

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