अभी थमने वाला नहीं है गर्मी का सितम

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देहरादून। उत्तराखंड में अगले कुछ दिन हल्के बादल छाये रहने और बूंदाबांदी के बावजूद अधिकतम तापमान में इजाफा होगा। इस दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मंगलवार को हल्के बादल छाये रहने का अनुमान है। कुछ इलाकों में गरज के साथ छींटें भी पड़ सकते हैं। कई इलाकों में एक से दो दौर की बौछारें भी पड़ सकती हैं।

इसके बावजूद प्रदेश में अगले एक हफ्ते के दौरान अधिकतम तापमान में बढ़तरी होगी। 26 मई के आसपास अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से चार डिग्री तक अधिक हो सकता है।दूसरी ओर राजधानी दून समेत प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मंगलवार को हल्के बादल छाये रह सकते हैं। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 26 मई तक तेज बारिश के आसार नहीं है। 

तापमान
अधिकतम-37
न्यूनतम- 21

मौसम का मिजाज बदलने से धधक रहे जंगल

मौसम का मिजाज बदलने और पारा चढ़ने के साथ ही जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। आंकड़ों के अनुसार बीते 48 घंटे के भीतर गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र में आग लगने की 38 घटनाएं हुईं। इसमें 59 हेक्टेयर जंगल जल गया। आग पर काबू पाते समय गढ़वाल क्षेत्र में एक वनकर्मी के झुलसने की सूचना है। 

वन आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक गढ़वाल क्षेत्र में अब तक आग लगने की 329 घटनाएं हुई हैं। कुमाऊं क्षेत्र में यह आंकड़ा 535 पर पहुंच चुका है। इसके अलावा वन्यजीव क्षेत्रों में भी आग लगने की अब तक 50 घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में जंगलों में अब तक आग लगने की कुल 914 घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक 1169.315 हेक्टेयर वनों को नुकसान पहुंचा है और 19 लाख 54 हजार 352 रुपये की वन संपदा जल चुकी है। इसके अलावा आग पर काबू पाते समय कुल सात वनकर्मी घायल हो चुके हैं। इनमें सबसे अधिक पांच वनकर्मी कुमाऊं क्षेत्र के हैं।

नैनीताल में सबसे अधिक 218 व उत्तरकाशी में सबसे कम 10 घटनाएं

दूसरी ओर प्रमुख वन संरक्षक के आदेश पर सभी प्रभागीय वनाधिकारियों ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ जंगलों में डेरा डाल दिया है। देहरादून के प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि उप वन संरक्षकोें व रेंजरों को कर्मचारियों के साथ जंगलों में दिन रात गश्त के आदेश जारी किए गए हैं। किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

वन आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के मुताबिक आग की सबसे अधिक 218 घटनाएं नैनीताल और सबसे कम 10 घटनाएं उत्तरकाशी जिले में हुई हैं। अल्मोड़ा में 109, बागेश्वर में 27, चंपावत में 59, देहरादून में 118, हरिद्वार में 15, पौड़ी गढ़वाल में 48, पिथौरागढ़ में 29, रुद्रप्रयाग में 15, टिहरी में 62, ऊधमसिंहनगर में 15 घटनाएं हुई हैं।

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