मजबूरी

Shayari

देख कर भी तेरी बेवफ़ाई को
नज़रों को यक़ीन नहीं होता,
दिल है की कहता है,
होगी कोई मजबूरी वरना
आसमाँ टूट कर यूँ
ज़मीं पर ना होता.

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