नन्हा सितारा

Poems

शाम होते ही
मेरे आँगन में
टिमटिमाता एक
नन्हा सितारा,

आसपास कोई
दूसरा नहीं,
नितांत अकेला
वो तन्हा सितारा,

अंधेरे की चादर ओढ़े
गुनगुनाता
कोई गीत सितारा,
मेरी तरह नितांत
अकेला
वो तन्हा सितारा



ना कोई सखी,
ना कोई सहारा,
टिमटिमाता वो
नन्हा सितारा,
साथ निभाता मेरा
वो नन्हा, तन्हा सितारा,

राधिका

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