उत्तराखंड में बरसे बादल, गर्मी से मिली थोड़ी राहत

देहरादून। बुधवार तड़के उत्तराखंड लगभग सभी इलाकों में बारिश की नेमत बरसी और मौसम खुशगवार हो गया। देहरादून में बुधवार तड़के तेज हवा के साथ बारिश हुई जो रुक रुक कर सुबह आठ बजे तक जारी रही। इससे गर्मी से कुछ राहत मिली है। रुद्रप्रयाग, केदारनाथ,  बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, नई टिहरी, कर्णप्रयाग, गौचर, आदिबदरी, नारायणबगड़, थराली, देवाल, यमुनोत्री क्षेत्र सहित यमुनाघाटी, पौड़ी, श्रीनगर और हरिद्वार में बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि मैदानी इलाकों में धूप निकल आई, लेकिन पहाड़ी इलाकों में बादल छाए रहे।

बारिश से स्थानीय लोगों सहित बदरीनाथ और हेमकुंड यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। कर्णप्रयाग में पिछले एक सप्ताह से तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियल के बीच था। बारिश के बाद सुबह 7.40 बजे यहां का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार बदरीनाथ हाईवे सुचारू है। वहीं ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नरेंद्र नगर बाईपास में रात से बंद पड़ा है। पहाड़ी से काफी मलबा गिरने के कारण मार्ग खुलने में काफी समय लगने की संभावना है।

नैनीताल के रामनगर में सुबह चार बजे से हो रही बारिश से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया। दोपहर तक 150 क्यूसेक पानी बैराज पर रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले रात के समय में 64 क्यूसेक पानी बैराज पर था। कोटद्वार के कालागढ़ में देर रात आये तूफान से आसपास के गांवों में बिजली व पानी की आपूर्ति ठप्प है। जगह-जगह पेड़ टूटकर गिरे हैं। जिससे जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। दुकानों पर पेड़ गिरने से इस तूफान में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।धुमाकोट और यमकेश्वर में भी तूफान से काफी पेड़ गिरे हैं।

सितारगंज के गोविंदपुर गांव में आंधी के साथ जमकर बारिश आधा दर्जन गांवों पर कहर बनकर टूटी। दर्जनों कच्चे घरों के टीनशेड उड़ गए तो वहीं गोविंदपुर गांव में बेटी के घर आए बुजुर्ग पर झोपड़ी गिर गई। इससे उनकी मौत हो गई। एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में ले लिया है।

मंगलवार को पीलीभीत रोड के गोविंदपुर गांव में थाना पुलभट्टा के ग्राम सेमलपुरा निवासी धर्मपाल (68) पुत्र सुंदरलाल बेटी के घर आए थे। उनका दामाद लालाराम परिवार के साथ पूर्णागिरी दर्शन को गया है। धर्मपाल घर में अकेले रह रहे थे। मंगलवार की रात वह झोपड़ी में सो रहे थे। बुधवार की सुबह करीब 5 बजे तेज हवाओं के साथ आई जोरदार बारिश से उठ गए और झोपड़ी में बंधी गाय की रस्सी खोलने पहुंचे। तेज हवा के कारण छप्पर उनके ऊपर गिर गया।

इससे उनकी मौत हो गई। घटनास्थल गांव से कुछ दूरी पर होने के कारण जब हवा रुकी तो गांव के लोग बाहर निकले। उन्होंने लालाराम का छप्पर गिरा देखा। इसके बाद आनन-फानन में ग्रामीणों ने छप्पर को हटाया। छप्पर के नीचे धर्मपाल का शव मिला। इस पर ग्रामीणों ने प्रशासन को मामले की सूचना दी। करीब चार घंटे बाद एसडीएम राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। सरकड़ा पुलिस चौकी से पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। एसडीएम मनीष बिष्ट ने बताया कि आंधी से गिरे कच्चे घरों और झोपड़ियों का आंकलन कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके लिए राजस्व टीम जांच में भी जुट गई है।

गोपेश्वर में घाट ब्लाक के राजबगठी गांव में मंगलवार को आंधी से तीन ग्रामीणों के मकानों को क्षति पहुंची। इस दौरान दो ग्रामीण चोटिल हो गए। मंगलवार की शाम घाट क्षेत्र में आंधी से आम का पेड़ टूटने से राजबगठी गांव के विक्रम सिंह और परमानंद के मकान को क्षति पहुंची। जबकि बसंती देवी पत्नी नरोत्तम प्रसाद के मकान की छत उड़ गई। इस दौरान गांव के ही विक्रम सिंह और रघुनाथ सिंह चोटिल हो गए। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदप्रयाग ले जाया गया। राजस्व उप निरीक्षक कुलदीप शाह ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है।

वहीं उत्तरकाशी जिले में तूफान के दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आकर एक ट्रक चालक जख्मी है। उत्तरकाशी जिला मुख्याल के पास नालूपानी में भी तूफान से एक पेड़ उखड़ गया। पेड़ की चपेट में आने से पहाड़ी से पत्थर लुढ़क कर एक चलते ट्रक पर आ गिरा। इससे चालक को गंभीर चोट आई है, हालांकि ट्रक किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बच गया।  स्थानीय लोगों ने 108 सेवा के जरिये घायल चालक को जिला अस्पताल पहुंचाया।

प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में अगले 12 घंटों के दौरान ओले गिरने और तेज रफ्तार आंधी चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में बुधवार को बादल छाये रहने का अनुमान जताया गया है। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज और चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कई क्षेत्रों में गरज के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों के कुछ इलाकों में ओले गिर सकते हैं। उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत व अल्मोड़ा में ओले गिरने के आसार हैं। मैदानी इलाकों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अनुमान है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि गढ़वाल के कुछ मैदानी इलाकों में अधिकतम 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। खराब मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।

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