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ट्रेड मिल

Short Stories

इतनी मोटी भी नहीं थी, वजन ५७ किलो ही था फिर भी पतली छरहरी होने का शौक इतना कि आए दिन कोई ना कोई प्लान बनता कुछ दिन अमल में आता फिर टूट जाता. कुछ दिन बार फिर प्लान बनता. प्लान भी शुरू खाने से होता, रोज समोसा नहीं खाना, सात दिन में एक बार समोसा, सात दिन में एक बार पराठा, एक दिन पूरी, और सात दिन में एक दिन पुलाव खाना बस और कुछ नहीं खाना. लेकिन स्वीट्स रोज रात को चाहिए था सो वो रहने दिया गया.

साथ ही मॉर्निंग वॉक. कुछ दिन तो प्लान सही चला, रोज मॉर्निंग वॉक होता, कुछ दिन बाद एक दिन छोड़ कर, और कुछ दिन बाद इतवार को भी वॉक नहीं होता. बस ऐसे ही दिन कट रहे थे.

एक दिन अचानक बेटी के पास जाना हुआ जो विदेश में नौकरी कर रही थी, खुशी खुशी गये. वहाँ जाके खुशी और चौगुनी हो गयी जब उसने देखा की वहाँ ट्रेड मिल मशीन रखी हुई है. चलो मॉर्निंग वॉक का झंझट ही ख़तम इसी में कर लेंगे.

बेटी ने समझाया की आपको हाई बलड प्रेशर की प्राब्लम है सो ध्यान से करना, बहुत सारी बातें समझाई की ऐसे करना ऐसे ना करना, ज़्यादा देर नहीं चलना, तेज नहीं चलना आदि आदि. सिर्फ़ १५ दिन के लिए ही गयी थी लेकिन उत्साह ऐसा था मानो इन १५ दिनों में कितनी स्लिम हो जाएगी .

दो दिन तो ऐसे ही निकल गये. तीसरे दिन ट्रेड मिल को बेटी ने ऑन किया और उसको अच्छी तरह से समझा के उसमे वॉक कराया ५ मिनट का फिर बंद करके ऑफीस चली गयी. अब तो रोज का ही यही नियम हो गया कि बेटी ही ऑन करती मशीन और फिर ५ मिनट वॉक करने के बाद मशीन बंद करके चली जाती. और शाम को समंदर किनारे ईव्निंग वॉक की हिदायत दे रखी थी सो रोज ही शाम को समंदर किनारे वॉक करती.

१२ दिन योहीं हँसी खुशी निकल गये. १३वे दिन शाम को ईव्निंग वॉक करने का मन नहीं हुआ सो उसने सोचा ट्रेड मिल में ही वॉक कर लेती हूँ. पाँच बजे वो ट्रेड मिल में वॉक करने लगी धीरे धीरे वॉक शुरू करते करते उसने तेज़ गति से शुरू कर दिया उसको समझ नहीं आया कि अचानक तेज कैसे हो गया. खैर उसको अच्छा लगरहा था तेज चलना भी. अचानक उसकी नज़र स्क्रीन पे गयी जहाँ कैलोरी बर्न १० दिखा रहा था. अभी तक तो उसको मालूम भी नहीं था की इसमें कैलोरी बर्न भी होती है वो खुश १० से १५ फिर २०, २५, ३५ फिर ५० करते करते केलोरी बर्न १२५ तक पहुँच गया. उसके नीचे हार्ट रेट २२० था जिसको ग़लती से १२० पढ़ लिया पल्स रेट २२५ हो गया था उसको ये भी नहीं पता था की पल्स रेट क्या होता है, और इसका क्या रोल है. उसकी आँखे मूंदी जा रही थी, मुँह सूखने लगा था, थक भी गयी थी लेकिन स्क्रीन पर २२५ केलोरी बर्न लिखा देख कर उत्साह में कमी नहीं आई, और मशीन से उतरने का मन भी नहीं होरहा था . तभी पास में रखी मोबाइल की घंटी बजी ट्रेड मिल से उतरे बिना ही फोन उठा लिया. देहरादून से डॉक्टर का फोन था, सुबह खुद किया था तब वो बिज़ी थे, अब जाके उन्होने फोन किया था, कुछ बातें करने के बाद वो बोले तुम थकी सी लग रही हो तुम्हारी आवाज़ से लग रहा है तब उसने बताया की वो ट्रेड मिल कर रही है. काफ़ी देर से शायद इसीलिए. अचानक उसने पूछा डॉक्टर से कि पल्स रेट २२५ दिखा रहा है, कोई प्राब्लम तो नही है. क्या?? डॉक्टर चौंके फिर पूछा हार्ट बीट कितनी है. स्क्रीन पे देखा तो २२० , बोली अरे २२० दिखा रहा है कुछ देर पहले तो १२० था . ओह माय गॉड यू विल किल युवरसेल्फ. स्टिल अलाइव???

चलो नीचे उतरो और ज़मीन पे सीधा हो के लेटो फोन का स्पीकर ऑन करो और कान के पास रखो. और आधे घंटे तक उसको हिदायत देते रहे कि क्या क्या करना है. फिर फोन काट दिया. शाम को सुस्त हो गयी थी, बेटी आई उसको कुछ नहीं बताया. लेकिन जब रात को ११ बजे के बाद तबीयत खराब होने लगी उसका पूरा शरीर जैसे धँस रहा था, हाथ पैर ढीले, और जीभ अंदर को सिकुड रही थी, गला सूख रहा था, बड़ी मुश्किल से उठ कर पानी पिया, कुछ देर बैठी रही फिर लेटी, फिर वही हाल, वो अंदर ही अंदर बोली मैं ठीक हूँ, मुझे कुछ नहीं हुआ, कुछ देर तक सही रहती फिर वही हाल, उसने बेटी को उठाया और कहा कि हॉस्पिटल जाना है बेटी ने टॅक्सी बुलाई हॉस्पिटल फोन करके अपायंटमेंट लिया और फिर टॅक्सी में बैठने के बाद उसने बताया की आज शाम को उसने ४५ मिनट तक ट्रेड मिल वॉक किया था, तेज़ स्पीड में शायद उससे तबीयत खराब हुई है. और डॉक्टर की सारी बातें भी बता दी. बेटी कुछ नहीं बोली, सिर्फ़ एक बार अपनी माँ की और देखा फिर और करीब होके बैठ गयी. हॉस्पिटल वालों ने हालत देख कर तुरंत अड्मिट कर लिया आई सी यू में.

वीसा और छुट्‌टी की अवधि केवल दो दिन की रह गयी थी. बेटी ने बड़े धैर्या से हर काम को संभाला, वीसा की अवधि बढ़ाई
मां के ऑफीस में फोन करके छुट्टिया बढ़वाई . जैसे तैसे १५ दिनों बाद हॉस्पिटल से निकल कर वापस देहरादून आई तो व्हील चैयर पे बैठ कर.
और छ: महीने तक नॉर्मल जिंदगी नहीं जी सकी थी.

उसके बाद ट्रेड मिल की तस्वीर से भी डरने लगी थी. अब फिर कुछ सालों बाद जिम जाने का भूत सवार हो गया है,
ट्रेड मिल को देख कर मुस्करा भर देती है. जिम वाले से कहती है बेटा ट्रेड मिल नहीं करूँगी. वो कहता है कोई नहीं पाँच मिनिट कर लेना.
हा हा हा हा .

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