उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश का कहर, अबतक 16 लोगों की हुई मौत

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देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड पर प्रकृति का भयंकर कहर टूटा है। आज तेज बारिश की वजह से 11 लोगों की मौत हुई है जबकि कल पांच लोगों की मौत हुई थी। उत्तराखंड में कुदरत के कहर से अबतक कुल 16 लोगों की जान चली गई है।

वहीं सबसे बड़ी तबाही आई है नैनीताल के रामगढ़ में जहां बादल फटने के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से नैनीताल के सभी रास्ते बंद हैं। राज्य में मात्र 24 घंटे में 200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है। कई इलाकों में बारिश 400 मिली या उससे भी अधिक हुई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को बारिश से संबंधित घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गयी, जबकि बादल फटने और भूस्खलनों के बाद कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उत्तराखंड में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 16 हो गयी है। धामी ने आश्वस्त किया कि सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों में मदद करने के लिए जल्द पहुंचेंगे। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए इनमें से दो हेलीकॉप्टरों को नैनीताल और एक को गढ़वाल क्षेत्र में भेजा जाएगा।

बहरहाल, मुख्यमंत्री ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रियों से फिर अपील की कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें।

धामी ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने माना कि लगातार बारिश से किसानों पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।

नैनीताल में मॉल रोड और नैनी झील के किनारे पर स्थित नैना देवी मंदिर में बाढ़ आ गयी है, जबकि भूस्खलनों के कारण एक हॉस्टल की इमारत को नुकसान पहुंचा है। नैनीताल जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। शहर में आने वाले और बाहर जाने वाले वाहनों में सवार यात्रियों को आगाह करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है तथा यात्रियों से बारिश बंद होने तक ठहरने को कहा जा रहा है।

भूस्खलनों से शहर से बाहर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजॉर्ट में करीब 100 लोग फंस गए हैं और उफान पर बह रही कोसी नदी का पानी रिजॉर्ट में घुस रहा है। वहीं गौला नदी पर बना एक पुल भी टूट चुका है।

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