बारहवीं की परीक्षा में पूछे गए प्रश्न को लेकर हुआ हंगामा, पढ़िए पूरी खबर

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नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की बारहवीं की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विवाद इतना बढ़ा कि सीबीएसई को खेद जताते हुए मामले में सख्त एक्शन लेने का भरोसा देना पड़ा है। बारहवीं के समाजशास्त्र की टर्म वन की परीक्षा में गुजरात दंगों को लेकर एक सवाल पूछा गया था। समाजशास्त्र के प्रश्न पत्र में छात्रों से उस पार्टी का नाम बताने को कहा गया जिसके कार्यकाल में ‘‘2002 में गुजरात में मुस्लिम विरोधी हिंसा’’ हुई थी।

सवाल था- गुजरात में 2002 में मुस्लिम विरोधी हिंसा किस सरकार के तहत फैली थी? प्रश्‍न के उत्तर के चार ऑप्शन दिए गए थे। पहला ऑप्शन कांग्रेस, दूसरा ऑप्शन बीजेपी

तीसरा ऑप्शन डेमोक्रेटिक और चौथा रिपब्लिकन था।

CBSE EXAM 2021 (SOCIOLOGY) TERM 1

(23) गुजरात में 2002 में मुस्लिम विरोधी हिंसा किस सरकार के तहत फैली थी?
(a) कांग्रेस                (b) बीजेपी
(c) डेमोक्रेटिक             (d) रिपब्लिकन

परीक्षा में पूछा गया ये ऐसा सवाल था जिस पर विवाद होना तय था। सवाल पर विवाद ने तूल पकड़ा तो CBSE को खुद सामने आना पड़ा। सीबीएसई की तरफ से ट्वीट कर इसे गलती माना गया और साथ ही इस पर सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया। CBSE की ओर से कहा गया, बारहवीं के सोशलॉजी (समाशास्‍त्र) के टर्म वन की परीक्षा में एक प्रश्‍न पूछा गया है जो अनुचित है और सीबीएसई की गाइडलाइंस के खिलाफ है। सीबीएसई गलती को स्‍वीकार करता है और जिम्‍मेदार लोगों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही सीबीएसई की तरफ से कहा गया, बोर्ड के दिशानिर्देशों के मुताबिक प्रश्नपत्र को बनाते समय ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि सवाल अकादमिक के हिसाब से होने के साथ ही वर्ग और समुदाय से निष्पक्ष होना चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी भी सवाल से छात्रों के सामाजिक और राजनीतिक पक्ष को ठेस न पहुंचे।

बता दें कि गुजरात में 2002 में गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के दो डिब्बों में आगजनी के बाद राज्य में दंगे भड़क उठे थे। ट्रेन में आग की घटना में 59 हिंदू ‘कारसेवक’ मारे गए थे। दंगों में एक हजार से अधिक लोगों की जान गई थी।

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