सरदार होने के कारण नहीं मिलती थीं फिल्में: मनजोत सिंह

मुंबई। ‘फुकरे’ फिल्म के अभिनेता मनजोत सिंह का कहना है कि सरदार होने की वजह से बॉलीवुड में कई बार उन्हें भूमिकाओं की कीमत चुकानी पड़ी। दिबाकर बनर्जी की ‘ओए लकी! लकी ओए!’ से बॉलीवुड में शुरुआत करने वाले अभिनेता हालांकि सिर्फ हास्य भूमिकाओं तक खुद के सिमटने से दुखी हैं। मनजोत ने कहा कि मुझे इसलिए खारिज किया गया क्योंकि मैं सरदार हूं। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई पगड़ी पहनता है तो वह पर्दे पर गंभीर नहीं दिख सकता और न ही वह ऐक्शन या ड्रामा कर सकता है। यह देखकर मुझे काफी दुख होता है क्योंकि ऐसी धारणा बन गयी है कि पगड़ी पहनने वाला शख्स लोगों को सिर्फ हंसा सकता है।

मनजोत का मानना है कि यह फिल्मकारों की अक्षमता है कि वे इससे इतर कल्पना नहीं कर पाते, जिसकी वजह से उनके जैसे कलाकार एक ही तरह की भूमिका में कैद होकर रह गये हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग ऐक्शन दृश्य भी कर सकते हैं, हम प्यार में भी पड़ सकते और गम में भी हो सकते हैं लेकिन लोग यही मानते हैं कि जब पटकथा की मांग होगी तभी किसी सरदार को लिया जायेगा। मैं इस धारणा को तोड़ने की कोशिश कर रहा हूं। मेरा मानना है कि फिल्मकारों ने यह धारणा गढ़ी है और सिर्फ वही इसे तोड़ सकते हैं। लेकिन आज चीजें कहीं अधिक बेहतर हैं। इस साल मनजोत ‘स्टूडेंट्स ऑफ दी ईयर 2’ में अतिथि भूमिका में नजर आये थे और वे 13 सितंबर को रिलीज होने वाली अपनी फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ का इंतजार कर रहे हैं।

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