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उत्तराखंड में वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी, पढ़िये खबर

देहरादून। उत्तराखंड में विकास कार्यों में आने वाले दिनों में वन कानूनों का अड़ंगा काफी कम हो जाएगा। इस कड़ी में केंद्र की तर्ज पर यहां भी वन मंत्री की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्टैंडिंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। वन्यजीव बोर्ड की सोमवार को सचिवालय में हुई बैठक में इस पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निर्देश दिए कि बैठकों के निर्णयों का अनुपालन समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बोर्ड की 15 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि कार्यवाही केवल पत्राचार तक सीमित न रहे, बल्कि इसका आउटपुट भी नजर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृतियों के लिए जरूरी औपचारिकताओं में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने गंगोत्री में गर्तागली के पुनरुद्धार और चौरासी कुटी के एकीकृत विकास में इनकी मौलिकता बरकरार रखने भी जोर दिया।

बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बताया कि बोर्ड में लिए गए निर्णय के अनुरूप स्टैंडिंग कमेटी जल्द अस्तित्व में आएगी। यह हर माह बैठकें कर विकास से जुड़े प्रस्तावों को नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड को भेजेगी। इससे विकास कार्यों में आने वाली अड़चनें दूर होंगी। गर्तांगली के जीर्णोद्धार को 64 लाख वन मंत्री ने बताया कि गंगोत्री नेशनल पार्क में स्थित गंर्तागली के जीर्णोद्धार के लिए ग्राम्य विकास विभाग उत्तरकाशी को 64.10 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि गर्तागली ट्रेल का जीर्णोद्धार उसकी मौलिकता के अनुरूप होगा। यह कार्य लोनिवि अथवा सिंचाई विभाग से कराया जा सकता है। अगर वे इसमें असमर्थता जताते हैं तो नेशनल एजेंसी को यह जिम्मा सौंपा जाएगा। 

नए कलेवर में निखरेगी चौरासी कुटी 

बोर्ड बैठक में राजाजी नेशनल पार्क के अंतर्गत चौरासी कुटी के संबंध में भी विमर्श हुआ। वन मंत्री के अनुसार मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि भावातीत ध्यान के प्रणेता महर्षि महेश योगी से जुड़े इस स्थल का विकास इंटीग्रेटेड एप्रोच के साथ किया जाए। उन्होंने बताया कि इसकी कार्ययोजना में वन्यजीवन, आध्यात्मिकता, संस्कृति समेत सभी पहलुओं का समावेश किया जाएगा। 

जताई नाराजगी, नए सिरे से बनेगा प्रस्ताव 

वन मंत्री के अनुसार बोर्ड ने संरक्षित क्षेत्रों से बाहर वन क्षेत्रों में एंगलिंग की अनुमति के प्रस्ताव को पुनर्विचार के लिए लाए जाने पर नाराजगी जताई। गौरतलब है कि वन विभाग के मुखिया पीसीसीएफ जयराज ने इसे पशु कूरता निवारण एक्ट का उल्लंघन करार देते हुए आपत्ति जताई थी और इस पर पुनर्विचार का आग्रह किया था। वन मंत्री ने बताया कि एंगलिंग का प्रस्ताव नए सिरे से बनाया जाएगा। जौलीग्रांट अड्डे के विस्तार को वन भूमि डॉ. रावत के अनुसार बैठक में देहरादून के जौलीग्रांट स्थित हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के लिए 87.0815 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव भी आया। बोर्ड ने इस पर सहमति जताई। अब यह प्रस्ताव नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड को भेजा जा रहा है।

ये भी लिए गए फैसले 

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में गैंडे और राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगली कुत्ते तीन माह के भीतर लाए जाएंगे।

आरक्षित वन क्षेत्रों में विस्थापित गांवों लालढांग (कॉर्बेट) और खांडगांव (राजाजी) की भूमि होगी डिनोटिफाइ।संरक्षित क्षेत्रों के टोंगिया गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की दिशा में होगी कवायद।

वन भूमि पर काबिज लोगों को लीज नवीनीकरण न होने पर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया की होगी कसरत।

देहरादून जिले में बहुउदेश्यीय सौंग बांध परियोजना के लिए वन भूमि का होगा हस्तांतरण। 

ऋषिकेश, स्वर्गाश्रम, नरेंद्रनगर और डोईवाला शहरों के सॉलिड वेस्ट प्रबंधन के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड को लालपानी में ऋषिकेश नगर निगम को लीज पर दी जाएगी 10 हेक्टेयर भूमि। 

राजाजी नेशनल पार्क की सीमा के सुव्यवस्थतीकरण को डीएम, डीएफओ और डब्ल्यूआइआइ के प्रतिनिधियों की समिति का गठन।  

कॉर्बेट, राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघ और हाथियों की धारण क्षमता का अध्ययन करेगा भारतीय वन्यजीव संस्थान कॉर्बेट और राजाजी रिजर्व की सीमा में स्थित गांवों को बाहर करने पर होगा विचार।

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