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शिवसेना के सांसद सुशांत की मौत की जांच पर खड़े किये सवाल

मुंबई। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने ‘सामना’ में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद नेपोटिज्म को लेकर छिड़ी बहस और मुंबई पुलिस की जांच पर एक लेख लिखा है। उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत पर ही कई सवाल खड़े किए हैं। बता दें एक्टर ने 14 जून को अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके निधन से सभी बहुत दुखी हैं।

संजय राउत ने आर्टिकल में खुद की जान लेने पर सुशांत के बारे में लिखा है कि “निराशा की चपेट में आकर सुशांत ने मौत को गले लगा लिया। क्या उनके डिप्रेशन का कारण वास्तव में कमर्शियल था? यह 100 फीसदी सही नहीं है।” उन्होंने लिखा, “एक निर्माता का कहना है कि वह जानता था कि सुशांत आत्महत्या करेगा।

राउत पूछते हैं, उसे बचाने के लिए उसने क्या किया? सुशांत आत्महत्या का मुकदमा कब खत्म होगा? कहा नहीं जा सकता। सुशांत की मौत के बाद कई लोगों ने अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन क्या इससे मामले की सच्चाई सामने आई? ऐसा दिखता तो नहीं है।”

शिवसेना सांसद ने आगे लिखा, “इस प्रकरण में जांच की जानी बाकी है और इस मामले में पुलिस की जांच क्या है? ये अभिनेता कुछ समय से काम नहीं कर रहा था। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। असफलता की इसी हताशा में, उन्होंने बांद्रा में अपने घर में फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। लेकिन इसके जरिए बॉलीवुड में माफिया और नेपोटिज्म सामने आ गया है।”

संजय राउत ने आगे लिखा कि “बॉलीवुड में हर दिन कई लोग संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन ये कहना कि सुशांत ने इस वजह से सुसाइड किया, क्योंकि कुछ लोग उनका रास्ता रोक रहे थे, ये सही नहीं है। अगर ये सच है तो कम से कम हर दिन दो एक्टर्स आत्महत्या करते।”

राउत ने दावा किया कि ये स्पष्ट रूप से आत्महत्या का मामला है। इसके बाद उन्होंने पुलिस की जांच पर बात की। उन्होंने कहा, “सुशांत ने कई मनोचिकित्सक बदले थे, लेकिन कोई भी उसकी मदद नहीं कर सका। उसने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा, लेकिन इसके बावजूद लोगों से 11 घंटे तक पूछताछ की जा रही है.. क्यों? पुलिस ने यशराज फिल्म्स से सुशांत का कॉन्ट्रैक्ट मांगा है। इससे उन्हें क्या सबूत मिलेगा? कई अभिनेत्रियां, जो उनके साथ जुड़ी हुई थीं, उन्हें पुलिस ने बुलाया था। इसकी बिल्कुल भी जरूरत नहीं थी।”

संजय राउत ने आगे कहा कि एक मनोचिकित्सक उस व्यक्ति के लिए क्या करेगा जिसने जीने की इच्छा खो दी है? जिंदा रहने के लिए खुद से संघर्ष करना पड़ता है। इसके साथ, राउत ने अन्य लोगों द्वारा आत्महत्याओं का जिक्र किया, जिनकी फाइलें पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बंद कर दी, जबकि एक हफ्ते के बाद भी, राजपूत की फाइल पुलिस द्वारा बंद नहीं की जा रही है।

दूसरी तरफ बीजेपी नेता राम कदम ने इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कदम ने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी, जो सामना के माध्यम से एक पेपर चलाते हैं, पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं कि वे जांच क्यों कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री का अपना अखबार मुंबई पुलिस के काम पर संदेह कर रहा है, उन पर दबाव डालता है, तो यह एक सरल संदेश है – बस जांच से दूर रहें। इस अखबार के मुंबई पुलिस पर दबाव बनाने के पीछे क्या कारण है?

बता दें कि सुशांत ने 14 जून को बांद्रा स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने टीवी सीरियल से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद बॉलीवुड में काई पो छे फिल्म से डेब्यू किया था।

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