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साइक्लोन अम्फान ने पश्चिम बंगाल में ली 12 लोगों की जान, पढ़िये खबर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बुधवार को तबाही मचाने के बाद भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान अब धीमा पड़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 6 घंटे में यह 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ा है। अगले तीन घंटे में इसके और कमजोर होने का अनुमान है। असम, मेघालय में आज हल्की बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। तूफान की वजह से बुधवार को पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी।

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- बंगाल में तूफान से हुई तबाही की तस्वीरें देखीं। पूरा देश मजबूती के साथ बंगाल के साथ खड़ा है। राज्य के लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। प्रभावितों की मदद में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी।

5500 घर तबाह हुए- ममता

अम्फान की वजह से ओडिशा में कोई मौत होने की जानकारी नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मुताबिक उनके राज्य में 12 लोगों की मौत का अनुमान है। 5500 घरों को नुकसान हुआ है। ममता का कहना है कि तूफान की वजह से हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सही आकलन करने में 3-4 दिन लगेंगे।

गृह मंत्रालय की टीम दोनों प्रदेश जाएगी

तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत बचार्व कार्य और हालात सुधारने के लिए बुधवार को कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाबा ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अफसरों से इस बाबत जानकारी हासिल की। गृह मंत्रालय के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वह दोनों प्रदेशों के सरकार के संपर्क में रहें। किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मदद करें। यह भी तय हुआ कि जल्द ही गृह मंत्रालय की एक टीम दोनों प्रदेशों का दौरा करेगी और तूफान से होने वाले नुकसान का आंकलन करेगी।

कोलकाता में बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया।

6.6 लाख लोग पहले ही सुरक्षित जगह पहुंचा दिए थे

तूफान बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे कोलकाता पहुंचा। शाम साढ़े सात बजे हवा की रफ्तार धीमी हुई। इन 5 घंटों में तूफान काफी तबाही मचा चुका था। तूफान आने से पहले ही 6.6 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिए गए थे। बंगाल में पिछले तीन दिन में 5 लाख लोग तटीय इलाकों से हटाकर शेल्टर होम पहुंचा दिए थे। ओडिशा में 1.6 लाख लोग रेस्क्यू किए गए। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि तूफान के रास्ते और समय का सही आकलन होने से रेस्क्यू में काफी मदद मिली।

पश्चिम बंगाल के अलीपुर में एनडीआरएफ की टीम सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाते हुए।

तूफान से ओडिशा और बंगाल में कितने जिले प्रभावित?

ओडिशा के 9 जिले पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, कटक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, गंजाम, भद्रक और बालासोर प्रभावित हैं। पश्चिम बंगाल के तटीय जिले पूर्वी मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर तूफान का असर रहा।

ये तस्वीर कोलकाता की है, जहां बुधवार को अम्फान तूफान की वजह से जान-माल का काफी नुकसान हुआ।

कोरोनाकाल में राहत-बचार्व कार्य बड़ी चुनौती
एनडीआरएफ चीफ एसएन प्रधान ने कहा कि कोरोनाकाल में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राहत बचाव कार्य करना बड़ी चुनौती है। तूफान से आई तबाही से लोगों के घर बर्बाद हो गए हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर गिरे हैं। इन सब को साफ किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के नियमों का पालन भी किया जा रहा है। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। इनसे भी निपटने की कोशिश की जा रही है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी तबाही

तूफान के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी तबाही हुई है। पूरा एयरपोर्ट पानी से भर गया है। शेड गिरने से कई विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी पानी निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है। तूफान से हुए नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है।

कोलकाता एयरपोर्ट पर पार्किंग शेड गिरने से क्षतिग्रस्त विमान। 

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