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सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराए 2 आतंकी , मारे गए दहशतगर्दों में हुर्रियत प्रमुख का बेटा भी शामिल

श्रीनगर. यहां डाउनटाउन इलाके में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया है। सोमवार रात 2 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ था। घनी आबादी वाले नवाकदल में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी छिपे थे, जिनमें से एक अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा जुनैद भी था। जानकारी के मुताबिक, 29 साल का जुनैद अपने साथी तारिक अहमद शेख के साथ बीती रात यहां फंस गया था। पुलिस को टेक्निकल इंटेलिजेंस के जरिए उसकी मौजूदगी को लेकर पुख्ता जानकारी मिली थी।J&K Police@JmuKmrPolice

The terrorists killed have been identified as (1)Junaid Ahmed Sehrai Divisional Commander Hizbul Mujahideen Son ofMohd Ashraf Khan @ Sehrai resident of Kupwara now Srinagar. He was active since 2018.
(2)Tariq Ahmed Sheikh resident of Pulwama also from Hizbul Mujahideen.1,205Twitter Ads की जानकारी और गोपनीयता330 लोग इस बारे में बात कर रहे हैं

रात 2 बजे पुलिस ने घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया था। एक घंटे बाद छिपे हुए आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। ग्रेनेड ब्लास्ट में दो पुलिसवाले और एक सीआरपीएफ जवान घायल हुए हैं। सुरक्षाबलों ने उस घर में ब्लास्ट कर दिया जहां जुनैद छिपा था।

सुरक्षाबलों ने उस घर में ब्लास्ट कर दिया जहां जुनैद छिपा था।

दो साल पहले हिजबुल में शामिल हुआ था जुनैद

मार्च 2018 में आतंकी जुनैद के पिता मोहम्मद अशरफ ने हुर्रियत प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी की जगह ली थी। इसी के बाद जुनैद हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ था। 2018 में ही वह जुमे की नमाज के बाद श्रीनगर में अपने घर बागात इलाके से गायब हो गया था। इसके बाद उसकी बंदूक पकड़े तस्वीरें सोशल मीडिया पर नजर आई थीं।

जुनैद हिजबुल में 2018 से एक्टिव था।

उसके परिवार ने मार्च 2018 में उसके गायब होने की शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। हालांकि उसे लौटने के लिए परिवार ने कोई अपील नहीं की। सहराई का परिवार भारत पाक सीमा से सटे कुपवाड़ा जिले का रहनेवाला है और 1990 में श्रीनगर चला आया था।

जिस घर को सुरक्षाबलों ने ब्लास्ट कर उड़ाया वहां, वहां एनकाउंटर खत्म होने के बाद कुछ ऐसा नजारा था।

दो साल बाद श्रीनगर में इस तरह की मुठभेड़ हुई है। इससे पहले करन नगर में अक्टूबर 2018 में एक एनकाउंटर हुआ था। जिसमें लश्कर कमांडर मेहराजउद्दीन बांगरू को मार गिराया था।

एनकाउंटर के लिए सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया था।

घाटी में इंटरनेट बंद
हालात पर काबू रखने के लिए श्रीनगर में बीएसएनएल के अलावा सभी फोन और मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिए गए हैं। अभी दो हफ्ते पहले 6 मई को ही सुरक्षाबलों ने पुलवामा में हिजबुल के कश्मीर कमांडर रियाज नायकू को मार गिराया था। सहराई नायकू के बाद बने नए कमांडर डॉक्टर सैफुल्लाह का डिप्टी चीफ है।

जुनैद की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की।

रविवार को मारा गया था आतंकी ताहिर

16 मई की रात सुरक्षाबलों को डोडा के खोत्रा गांव में ताहिर के होने की सूचना मिली थी। जनवरी 2020 में हिजबुल आतंकी हारून के मारे जाने के बाद से यहां की आतंकी गतिविधियां ताहिर ही संचालित कर रहा था। रविवार सुबह 7 बजे के करीब एक घर के अंदर छिपे आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। इसके बाद 5 घंटे चली मुठभेड़ में ताहिर मारा गया था।

2 महीने की शांति के बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षाबल अब ज्यादा सतर्क हैं।

6 मई को रियाज मारा गया

कश्मीर में 6 मई को सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर रियाज नायकू को मारा गिराया था। वह दो साल से मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल था। वह बीमार मां से मिलने पुलवामा के गांव बेगपोरा आया था। पुलिस को इस गांव में नायकू और उसके कुछ साथियों की मौजूदगी का इनपुट मिला था। सुरक्षाबलों ने नायकू के शव को परिवार के पांच लोगों के सामने सोनमर्ग के उस कब्रिस्तान में दफनाया था, जहां इन दिनों आतंकियों के शव दफनाए जाते हैं।

लॉकडाउन के बीच संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त जारी है।

कश्मीर में इस साल अब तक हुए अन्य एनकाउंटरः

22 अप्रैल: शोपियां में चार आतंकवादियों को मार गिराया।
17 अप्रैल : राज्य में दो अलग-अलग जगहों पर मुठभेड़ हुई, इसमें चार आतंकी मार गिराए गए थे।
11 अप्रैल: कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, इसमें आतंकी हथियार छोड़कर भाग गए थे।
7 अप्रैल: सेना ने आमने-सामने की लड़ाई में 5 आतंकी मार गिराए थे। यह कश्मीर में साल का सबसे मुश्किल ऑपरेशन था। इसमें सर्जिकल स्ट्राइक कर चुकी पैरा यूनिट के 5 जवान शहीद हो गए थे।
4 अप्रैल: कुलगाम में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में हिजबुल के 4 आतंकियों को मार गिराया।
15 मार्च: अवंतीपोरा जिले के वटरीग्राम में सुरक्षाबलों ने चार आतंकियों को मार गिराया।
22 फरवरी: दक्षिण कश्मीर के संगम बिजबेहरा में जवानों और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। दो आतंकी मारे गए।
19 फरवरी: पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के दौरान 3 आतंकियों को ढेर किया।
5 फरवरी: श्रीनगर के पास मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे गए थे, एक सीआरपीएफ जवान शहीद हुआ था। बाइक पर आए 3 आतंकियों ने सीआरपीएफ चैकपोस्ट पर फायरिंग की थी।
31 जनवरी: जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रक में छिपे 4-5 आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया था। ट्रक को नगरोटा के टोल प्लाजा पर चैकिंग के लिए रोका गया था। इसके बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। मुठभेड़ के दौरान 3 आतंकी मारे गए, जबकि एक पुलिस जवान जख्मी हो गया। ट्रक का ड्राइवर पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आतंकी आदिल डार का चचेरा भाई है और वही आतंकियों का मुख्य हैंडलर था।
25 जनवरी: पुलवामा जिले के अवंतीपोरा इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें 2 पाकिस्तानी आतंकी कारी यासिर और बुरहान शेख मारे गए थे। यासिर जैश-ए-मोहम्मद का कश्मीर एरिया कमांडर था।
21 जनवरी: पुलवामा जिले के अवंतिपोरा में मुठभेड़ में 2 आतंकी मारे गए थे। सेना का एक जवान और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एसपीओ शहीद हुए थे।
20 जनवरी: शोपियां जिले में मुठभेड़ के दौरान हिजबुल मुजाहिदीन के 3 आतंकी मारे गए थे।

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