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आर्थिक तंगी के चलते अपना इलाज बीच में ही छोड़ना चाहते हैं अभिनेता आशीष रॉय

मुंबई। मुंबई के एक मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल में भर्ती अभिनेता आशीष रॉय ने आर्थिक तंगी के चलते इलाज बीच में ही छोड़ने का फैसला लिया। मीडिया से अपना दर्द बयां करते हुए आशीष ने कहा कि वे घर जाकर मर भी गए तो उन्हें कोई गम नहीं होगा। ‘ससुराल सिमर का’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे सीरियल्स में कर चुके आशीष की किडनियां खराब हैं। इसकी वजह से उनके शरीर में पानी भर गया और उनके पैरों में सूजन आ गई। कोरोना वायरस के डर से कोई डॉक्टर उन्हें देखने को तैयार नहीं था। काफी मिन्नतों के बाद एक डॉक्टर ने चेकअप किया और तुरंत एडमिट होने की सलाह दी।

अस्पताल में इलाज कराते हुए अभिनेता आशीष रॉय

अस्पताल में इलाज कराते हुए अभिनेता आशीष रॉय

आशीष ने बताया, “आज (18 मई) मेरा जन्मदिन और मैं इस माहौल में तड़प रहा हूं। मुझसे चला भी नहीं जा रहा। दो दिन पहले मैंने कई डॉक्टर्स को संपर्क किया। लेकिन किसी ने मदद नहीं की। काफी मिन्नतों के बाद एक पुराने करीबी डॉक्टर इलाज के लिए तैयार हुए।

‘भर्ती होने के लिए 4 घंटे इंतजार किया’

54 साल के आशीष कहते हैं, “कैसे भी हिम्मत करके मैं अस्पताल पहुंचा तो वहां देखने वाला कोई नहीं था। 4 घंटे बाहर बैठने के बाद रिसेप्शनिस्ट ने बुलाया। फिर डॉक्टर ने देखा और मुझे भर्ती कर लिया। मुझे किडनी की तकलीफ है। लेकिन डायलिसिस के लिए मुझे सुबह 7 से शाम के 7 बजे तक इंतजार करना पड़ा। खाना भी सही नहीं मिल रहा है। काफी तकलीफों से गुजर रहा हूं।”

‘बुरे वक्त में कोई भी साथ नहीं’

आशीष ने आगे कहा, “इस बुरे वक्त में मेरे साथ कोई नहीं है। मैं अकेला ही इसका सामना कर रहा हूं। एक बहन है, जिसकी कोलकता में शादी हुई हैं। आमतौर पर वह मेरी मदद करती है। लेकिन लॉकडाउन की वजह से वह भी मेरा साथ नहीं दे पा रही है। वह कोलकाता में फंसी हुई है।”

‘ऐसी जिंदगी काटना बहुत मुश्किल है’

बकौल आशीष, “ट्रीटमेंट पर अब तक तकरीबन 4 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। पिछले 8 महीने से कोई कमाई नहीं हुई है। इसलिए मैंने इलाज बीच में ही छोड़ने का फैसला ले लिया हैं। घर जाकर मर गया तो भी गम नहीं। फिलहाल, मुझे पैसों के मामले में किसी का सपोर्ट नहीं मिल रहा है। मेरी जिंदगीभर की जमापूंजी खर्च हो चुकी है। अब ऐसी जिंदगी काटना बहुत मुश्किल है। इसी साल जनवरी में भी आशीष गोरेगांव के एक अस्पताल में भर्ती हुए थे। तब उनके शरीर में 9 लीटर पानी जमा था। 4 लीटर पानी निकाल दिया गया था, जबकि 5 लीटर बाकी रह गया था। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आशीष ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया था। उन्होंने लिखा था, “सुबह की कॉफी, बिना शक्कर की। ये मुस्कराहट मजबूरी में है जी। भगवान उठा ले मुझे।”

आशीष के पास नहीं काम

आशीष को 2019 की शुरुआत में पैरालिसिस हुआ था। उन्होंने एक बातचीत में बताया था, ”मैं पैरालिसिस स्ट्रोक के बाद ठीक हो गया था लेकिन मुझे काम नहीं मिला। फ़िलहाल अपनी बचत पर अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर रहा हूं। लेकिन वो भी खत्म होने वाली है। मैं अपनी बहन के पास कोलकाता में शिफ्ट हो जाऊंगा, लेकिन इंडस्ट्री में से किसी को तो मुझे काम देना पड़ेगा वरना आप जानते हैं कि क्या होगा।” आशीष एक वॉइस ओवर आर्टिस्ट भी हैं और उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘जोकर’ के हिंदी वर्जन में अपनी आवाज भी दी है।

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