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पोखरण में एंटी टैंक मिसाइल का हुआ सफल परीक्षण, जानिए इसकी खूबियां

पोखरण। इंडियन एयर फोर्स ने आज पोखरण फायरिंग रेंज में सबसे कारगर ध्रुवास्त्र मिसाइल का सफल परीक्षण किया। हेलिकॉप्टर ध्रुव से दागी गई देश में ही विकसित इस मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर एकदम सटीक प्रहार कर उसे नष्ट कर दिया। तीन दिन से पोखरण में एयर फोर्स और DRDO की टीम इसके परीक्षण की तैयारियों में जुटी थी। नाग पीढ़ी की इस मिसाइल को हेलिकॉप्टर से दागे जाने की वजह से इसे हेलिना नाम दिया गया। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों का दावा है कि यह मिसाइल सभी तरह के मौसम, चाहे दिन हो या रात अपने लक्ष्य पर एकदम सटीक हमला करने में सक्षम है।

सैन्य सूत्रों का कहना है कि तीसरी पीढ़ी की ‘दागो और भूल जाओ’ की तकनीक पर काम करने वाली देश में ही विकसित इस मिसाइल को घ्रुवास्त्र नाम भी दिया गया है। एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ध्रुवास्त्र नामक हेलिना हथियार प्रणाली के एक संस्करण को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) में शामिल किया जा रहा है। जबकि हेलिना हथियार प्रणाली को भारतीय सेना (आईए) में शामिल किया जा रहा है। परिक्षण के बाद इस मिसाइल को एयरफोर्स को सौंप दिया जाएगा। इसका इस्तेमाल ध्रुव हेलिकॉप्टर के साथ किया जाएगा। साथ ही से हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर से भी दागा जा सकता है। रणक्षेत्र में आगे बढ़ते दुश्मन के टैंकों को बारी-बारी से यह मिसाइल ध्वस्त करने में पूर्णतया सक्षम है। यह मिसाइल दुनिया के किसी भी टैंक को उड़ा सकती है।

मिसाइल की विशेषताएं

  1. जमीनी लक्ष्यों को सटीकता से तबाह करने में सक्षम
  2. दुनिया में अत्याधुनिक ऐंटी टैंक हथियारों में से एक
  3. नाग मिसाइल का हेलिकॉप्टर लॉन्च वर्जन है हेलिना
  4. 7 से 8 किलोमीटर तक है इस मिसाइल की रेंज
  5. एचएएल ध्रुव और एचएएल लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर से लॉन्च

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