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पीएम मोदी ने चुनावी रैली को किया संबोधित, विरोधियों पर जमकर बोला हमला

सासाराम। लॉकडाउन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पहली बार चुनाव प्रचार किया। उन्हें बिहार में आज तीन रैलियां करनी थी। सासाराम में आज की पहली रैली करते हुए पीएम मोदी ने विरोधियों पर जमकर हमला किया। उन्होंने भाषण की शुरुआत में लोजपा संस्थापक रामविलास पासवान और दिवंगत RJD नेता रघुवंश प्रसाद को याद किया। भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर यह कहते हुए निशाना साधा कि यह लोग जम्मू-कश्मीर में फिर से धारा 370 बहाल करने की बात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की मुख्य बातें इस तरह से हैं-

1. रामविलास पासवान और रघुवंश बाबू को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में मविलास पासवान और रघुवंश बाबू को याद किया। उन्होंने कहा, “हाल ही में बिहार ने अपने दो सपूतों को खोया है, जिन्होंने यहां के लोगों की दशकों तक सेवा की है, मेरे करीबी मित्र, गरीबों और दलितों के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले और आखिरी सांस तक मेरे साथ रहने वाले रामविलास पासवान जी, उन्हें मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उसी प्रकार से बाबू रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी गरीबों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया, वो भी अब हमारे बीच नहीं हैं, मैं उन्हें अपनी आदरपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।”

2. कोरोना का डटकर मुकाबला करने के लिए बिहार की जनता को बधाई

सबसे पहले बिहार के लोगों को बधाई, इस बात के लिए कि बिहार के लोग इतनी बड़ी आपदा का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए तेजी से जो फैसले लिए गए हैं, जिस तरह बिहार के लोगों ने काम किया, नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने काम किया। उसके नतीजे आज दिख रहे हैं। दुनिया के बड़े-बड़े अमीर देशों की हालत किसी से छिपी नहीं है, अगर बिहार में तेजी से काम न हुआ होता तो ये महामारी न जाने कितने साथियों की, हमारे परिवारजनों की जान ले लेती। कितना बड़ा हाहाकार मचता। इसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। लेकिन, आज बिहार कोरोना का मुकाबला करते हुए सारी सावधानियों के साथ लोकतंत्र का पर्ब मना रहा है।

3. सर्वे बोल रहे हैं बिहार में फिर एनडीए सरकार बन रही है:  पीएम मोदी

मैने बिहार के बहुत से लोगों के साथ करीब से काम किया है, उनसे बहुत कुछ सीखा भी है, एक बात जो बिहार के लोगों में बहुत अच्छी होती है वो है उनकी स्पष्टता, कभी कन्फ्यूजन में नहीं रहते। बिहार के लोगों को बधाई कि चुनाव के इतने दिन पहले ही उन्होंने अपना संदेश स्पष्ट सुना दिया है। जितने सर्वे हो रहे हैं, जितनी रिपोर्ट आ रही हैं, सबमें यही आ रहा है कि बिहार में फिर एक बार एनडीए सरकार बनने जा रही है।

4. कुछ चेहरों को दिखाकर भ्रम फैला रहे हैं लोग

कई बार ऐसा भी होता है कि लोग भ्रम फैलाने के लिए 1-2 चेहरों को बड़ा दिखाने लगते हैं और कभी किसी नई शक्ति के उभरने की बात फैलाई जाती है लेकिन इसका मतदान पर कोई असर नहीं पड़ता, बिहार का मतदाता तो इतना समझदार है कि वो भ्रम फैलाने वालों की हर कोशिश को खुद ही नाकाम कर रहा है। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है और ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे।

5. लालटेन का जमाना गया, 6 साल में 3 गुना बढ़ी बिजली खपत

बिहार अब विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है और अब बिहार को कोई बीमारू और बेबस राज्य नहीं कह सकता। लालटेन का जमान गया, पिछले 6 साल में बिजली की खपत 3 गुना बढ़ गई है। अंधेरे से उजाले की ओर बढ़ना इसी को कहते हैं। बिहार के लोग भूल नहीं सकते वह दिन जब सूरज ढलने का मतलब होता था सबकुछ बंद हो जाना। ठप्प पड़ जाना। आज बिजली है, सड़के हैं, लाइट हैं और सबसे बड़ी बात वो माहौल है जिसे राज्य का सामान्य नागरिक बिना डरे रह सकता है। दिन दहाड़े हत्याएं होती थी, डकैती होती थी, रंगदारी वसूली जाती थी, घर की बेटियां घर से निकलती थीं तो जब तक वापस न आ जाए तब तक माता-पिता की सांस अटकी रहती थी।

6. ‘सरकारी नौकरियों के लिए रिश्वत खाने वाले फिर बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं’

जिन लोगों ने एक एक सरकारी नौकरी को हमेशा लाखों करोड़ों रुपए कमाने का जरिया माना और सरकारी नियुक्तियों के लिए बिहार के नौजवानों से लाखों की रिश्वत खाई वो फिर बढ़ते हुए बिहार को ललचाई नजरों से देख रहे हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले ही बदल गई हो लेकिन ये याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन थे। साथियों, 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद जितने समय बिहार को डबल इंजन की ताकत मिली, राज्य के विकास के लिए और ज्यादा तेजी से काम हुआ है। जो प्रधानमंत्री पैकेज मिला था उसपर काम की रफ्तार भी तेज गति से आगे बढ़ रही है। कोरोना के इस समय में भी गरीबों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एनडीए सरकार ने काम किया है।

7. एनडीए सरकार ने मुफ्त राशन और मुफ्त सिलेंडर दिया

जहां कभी गरीब का राशन दुकान में ही लूट लिया जाता था वहां कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त राशन घर पहुंचाया गया है। गरीब भूखा न सोए, त्यौहार ठीक से मना सके, दिवाली और छठ पूजा ठीक से मना सके, इसके लिए मुफ्त अनाज की व्यवस्था भी की गई है। इसी कोरोना के दौरान करोड़ों गरीब बहनों के खाते में सीधी मदद दी गई। मुफ्त सिलेंडर की व्यवस्था की गई। शहरों में जो रेहड़ी ठेला चलाने वाले साथी हैं, उनके लिए भी बैंकों से आसान ऋण सुनिश्चित कराया जा रहा है ताकि वे अपना काम फिर शुरू कर सकें और आगे बढ़ सकें।

8. विपक्ष वाले बिचौलियों को बचाने के लिए कर रहे हैं कृषि बिल का विरोध: प्रधानमंत्री

देश जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग देश के हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं। देश ने किसानों को बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया तो ये बिचौलियों और दलालों के पक्ष में खुलकर मैदान में हैं। मंडी और एमएसपी का तो बहाना है असल में दलालों और बिचौलियों को बचाना है। याद कीजिए लोकसभा चुनाव से पहले जब किसानों के बैंकखाते में सीधे पैसे देने का काम शुरू हुआ था तब इन्होंने कैसे भ्रम फैलाया था। जब देश की रक्षा के लिए राफेल विमान को खरीदा गया तब भी ये बिचौलियों और दलानों की भाषा बोल रहे थे। आज देश की जनता, देश का किसान और नौजवान देख रहा है कि इन लोगों के लिए देशहित नहीं बल्कि दलालों का हित ज्यादा जरूरी है। इसलिए जब-जब बिचौलियों और दलालों पर चोट की जाती है तब तब ये तिलमिला जाते हैं। आज हालत ये हो गई है कि ये लोग भारत को कमजोर करने की साजिश रच रहे लोगों का साथ देने से भी नहीं हिचकिचाते।

9. ‘…बोल रहे हैं 370 फिर लागू कर देंगे’

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल हटने का इंतजार देश बर्सों से कर रहा था और हमने इसपर फैसला लिया और आज ये लोग कह रहे हैं कि सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 फिर लागू कर देंगे। और, इनका दुस्साहस देखिए, इतना कहने के बाद भी ये लोग बिहार के लोगों से वोट मांगने की हिम्मत दिखा रहे हैं। जो बिहार अपने बेटे बेटियों को सीमा पर रखवाली के लिए भेजता है, क्या यह उनकी भावनाओं का अपमान नहीं है। मैं जवानों और किसानों की भूमि बिहार से इन लोगों को एक बात साफ कह देना चाहता हूं कि ये लोग जिसकी चाहे मदद ले लें, देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा।

70 के दशक में शिलान्यास हुई सिंचाई योजना का काम हम कर रहे हैं: पीएम मोदी

इन लोगों को आपकी जरूरतों से कभी सरोकार नहीं रहा, इनका ध्यान रहा है अपने स्वार्थों पर, अपनी तिजोरी पर यही कारण है भोजपुर सहित पूरे बिहार में लंबे समय तक बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं हो पाया। हालत ये थी कि कैमूर में जिस दुर्गावती सिंचाई योजना का शिलान्यास बाबू जगजीवन राम ने 70 के दशक में किया था वो इतने वर्षों में भी पूरी नहीं हुई थी, इस काम को एनडीए सरकार ही पूरा कर रही है।

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