अंकिता हत्याकांड को लेकर जनसेवी भावना पांडे ने सरकारी तंत्र पर खड़े किये कईं सवाल

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देहरादून। देवभूमि की बेटी, वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी, प्रसिद्ध जनसेवी एवं जनता कैबिनेट पार्टी (जेसीपी) की केंद्रीय अध्यक्ष भावना पांडे ने अंकिता भंडारी की मौत पर दुःख जताया है। साथ ही उन्होंने इस निर्मम हत्याकांड को लेकर सरकार और सरकारी तंत्र पर कईं सवाल खड़े किये हैं।

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि अंकिता भंडारी की मौत ने सरकारी तंत्र की पूरी तरह से पोल खोलकर रख दी है। अंकिता तो दुनिया से चली गई मगर अपनी मौत के साथ ही हमारे सामने कईं सवाल छोड़ गई। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं हमारा सिस्टम भी अंकिता की मौत का जिम्मेदार है।

जनसेवी भावना पांडे ने कहा कि अंकिता भंडारी देवभूमि की स्वाभिमानी बेटी थी, जिसने हवस के भूखे भेड़िया के आगे घुटने नहीं टेके। जान दे दी मगर अपनी अस्मत का सौदा नहीं किया। उन्होंने कहा कि अंकिता जीवन में आगे बढ़ना चाहती थी, वो अपनी बूढ़े माता-पिता का सहारा बनना चाहती थी। ऐसी बहादुर और साहसी लड़की के साथ इस तरह की दर्दनाक घटना ने हृदय को भीतर तक झकझोर दिया है।

उत्तराखंड की बेटी भावना पांडे ने कहा कि गरीब परिवार में जन्मी मासूम बच्ची की मजबूरी उसे वहशी दरिंदों के बीच खींच ले गई। अंकिता आज हमारे बीच नहीं हैं, उसकी मौत के लिए सरकारी तंत्र व पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पुलिस ने पीड़ित परिवारजनों की बात सुनकर गुमशुदगी दर्ज कर अंकिता की तलाश की होती तो शायद आज वो बच्ची जिंदा होती।

जेसीपी मुखिया भावना पांडे ने उत्तराखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंकिता की मौत के बाद 25 लाख रुपये की सहायता देने वाले मुख्यमंत्री और उनकी सरकार यदि समय पर जागे होते तो शायद आज हालात कुछ और होते लेकिन कहीं न कहीं दोषियों को बचाने की कोशिश होती रही। पुलिस प्रशासन पीड़ित परिवारजनों को दुत्कारता रहा जबकि गुनहगारों की थाने में खातिरदारी की गई।

उन्होंने कहा कि बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि आज उत्तराखंड में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। बाहरी राज्यों से आये लोग प्रदेश में धड़ल्ले से अपराधों को अंजाम दे रहे हैं किंतु सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भू कानून ना लाने वाले, युवाओं के हक़ की सरकारी नौकरियां खाने वाले, गैरसैंण राजधानी ना बनाने वाले और तीर्थ स्थलों को अय्याशी का अड्डा बनाने वाले लोग ही इस हत्याकांड के असली जिम्मेदार हैं।

भावना पांडे ने मांग करते हुए कहा कि अंकिता भंडारी के सभी गुनहगारों को फाँसी की सज़ा दी जाए।

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