मोदी से मार्क जुकरबर्ग ने किया था उत्तराखंड के इस बाबा का जिक्र

News Room Uttrakhand

देहरादून। फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीम करौली बाबा का जिक्र किया था। जिसके बाद एकदम से यह बाबा जगह-जगह सुर्खियों में आ गए थे। इतना ही नहीं दुनिया भर की बड़ी हस्तियां इनकी भक्ति में लीन हैं।

2015 में जब प्रधानमंत्री अमेरिका में फेसबुक के ऑफिस गए थे। उस दौरान मार्क जुकरबर्ग ने भी नीम करौली बाबा के आश्रम में जाने की बात स्वीकारी थी। उत्तराखंड में नैनीताल के कैंची धाम मंदिर के अलावा विन्ध्याचल में अष्टभुजा पहाड़ी पर भी बाबा का आश्रम है। यह अपने आप में रहस्यों को समेटे हुए है।

बाबा नीम करौली महाराज के देश-दुनिया में 108 आश्रम हैं। इन आश्रमों में सबसे बड़ा कैंची धाम तथा अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम है। कैंची धाम मंदिर अधिकारियों के मुताबिक हॉलीवुड स्टार जूलिया रॉबर्ट्स, डॉक्टर रिचर्ड एल्पर्ट जो ड्रग एलएसडी के प्रभाव पर रिसर्च करते हैं और मशहूर लेखक डेनियल भी बाबा से प्रभावित होकर धाम में आ चुके हैं।

एप्पल के सीईओ स्टीव जॉब्स भी बाबा के भक्तों में शामिल रहे हैं। वे भी कैंची धाम में आकर रुक चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक मुख्यालय विजिट के दौरान जुकरबर्ग ने कहा था कि जब वे इस कन्फ्यूजन में थे कि फेसबुक को बेचा जाए या नहीं, तब एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स ने इन्हें भारत के एक मंदिर में जाने की सलाह दी थी।

बताते चलें कि देशभर में अलग-अलग अवसरों पर आयोजित होने वाले मेलों का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार होता है। लेकिन कैंची में हर साल 15 जून को आयोजित होने वाले मेले का न तो मंदिर ट्रस्ट द्वारा प्रचार-प्रसार किया जाता है और न ही प्रशासन स्तर पर, बावजूद इसके यहां बाबा के भक्तों तांता लगता है। 

उत्तराखंड के नैनीताल से 65 किलोमीटर दूर कैंची में नीम करौली नाम के एक बाबा का आश्रम है। इन बाबा का निधन 11 सितंबर 1973 को हुआ था। बाबा के भक्तों का मानना है कि बाबा हनुमान जी के अवतार थे। 

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