मां के झुमके बेचने निकली थी नाबालिग बहनें, पंहुच गईं थाने

News Room Uttrakhand

बागेश्वर। उत्तराखंड में बागेश्वर नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव निवासी दो किशोरियां अपनी मम्मी के झुमके का सौदा करने ज्वैलर्स के यहां पहुंची। दोनों की कम उम्र को देखते हुए ज्वैलर्स ने फौरन पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस की वजह से किशोरियों का झुमके बेचकर बाहर निकलने की योजना का खुलासा हो गया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि 12 और 15 वर्ष की दो किशोरियां शनिवार को ज्वैलर्स के यहां पहुंची।

15 वर्षीय किशोरी अपने साथ करीब एक तोले के झुमके लेकर ज्वैलर्स मोहित रस्तोगी की दुकान में पहुंची। वहां पहुंचकर किशोरी ने कहा कि उसके पास सोने के झुमके हैं, जो कि उसकी मम्मी के हैं। पिताजी काफी बीमार हैं, जिनके इलाज के लिए रुपयों की सख्त जरूरत है।

मम्मी ने ही इन्हें बेचने के लिए आपके पास भेजा है। 12 साल की किशोरी भी बड़ी को सहयोग कर रही थी। किशोरियों के हाव भाव देखकर ज्वैलर्स मोहित रस्तोगी को शक हुआ। उन्होंने किशोरियों को दुकान में बैठाया और कहा कि वह पैसा लेकर आ रहे हैं।

इस बीच उन्होंने मौका देखकर कोतवाली पुलिस को सूचित कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मी नरेंद्र गोस्वामी, नीतू व पीआरडी प्रेमा खेतवाल ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो पता चला कि दोनों किशोरियां झुमके बेचकर बाहर जाने की फिराक में थीं।

पुलिस ने बताया कि 15 वर्षीय किशोरी तो कुछ दिन पहले बिना बताए घर से चली भी गई थी। पुलिस ने ज्वैलर्स की तारीफ करते हुए दोनों किशोरियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। दोनों की काउंसलिंग की जा रही है।

Leave a Reply