गर्भवती को नाव में लेकर अस्पताल पहुंचे ग्रामीण

देहरादून। उत्तराखंड के कुमाऊं में सीजन की पहली बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। 24 घंटे में हुई बारिश से सभी नदी नाले उफान पर आ गए हैं। वहीं तेज बारिश से जलमग्न हुई बंगाली कॉलोनी पकड़िया में जलभराव हो गया। इससे लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा।

गांव के लोगों ने अपनी ही नाव को पानी में उतारा और लोगों ने इससे आवाजाही की। इस दौरान एक गर्भवती को भी अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव से सड़क तक लाया गया। इसी कॉलोनी में बने राधे मंदिर का परिसर भी पानी में डूब गया। 

नगर क्षेत्र में जगह-जगह हुए जलभराव से लोगों को निजात दिलाने के लिए एसडीएम निर्मला बिष्ट, तहसीलदार यूसुफ अली, पालिकाध्यक्ष, सभासद ने क्षेत्र में बंद नालों और नालियों को जेसीबी से खुलवाया। एसडीएम बिष्ट ने लोहियाहेड रोड, सितारगंज रोड, चंद्र बाटिका, अमाऊं के उन बंद रास्तों को जेसीबी से खुलवाया, जिनके कारण जलभराव हो रहा था। लोहियाहेड रोड पर भी पानी निकासी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। नगर की निचली जगहों के अलावा एनएच की आधी अधूरी नाली के कारण अन्य स्थानों पर जलभराव हो गया।

नगर के ब्लॉक मार्केट, थारू विकास भवन के आसपास की बस्ती, अमाऊं, आदर्श कॉलोनी, खकरा नाले से लगा इस्लामनगर, सैनिक कॉलोनी, कंजाबाग सड़क जलमग्न स्थिति में रही। एनएच की नाली ने पानी के लिए ठोकर का काम किया है, जिससे ब्लॉक मार्केट के आगे की दुकानों में एक से तीन फीट पानी भर गया है। 

परवीन नदी में जलस्तर बढ़ने से पहेनियां में क्षतिग्रस्त पुल के पास बनाए जा रहे पक्के वैकल्पिक मार्ग का काम मंगलवार को रुक गया है। नदी में बने कच्चे वैकल्पिक मार्ग के ऊपर पानी बह रहा था, जो दोपहर को नीचे आ गया और आवागमन शुरू हो पाया।

लोनिवि के सहायक अभियंता डीएस जरमाल ने कहा कि नदी में होम पाइप डालने का काम लगभग पूरा हो गया है। यह भी कहा कि रात में बारिश नहीं हुई तो आज  काम शुरू हो जाएगा। 

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