देहरादून में मौसम की आँख मिचौली जारी, सुबह छाये बादल दोपहर में निकली धूप

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में मौसम की आँख मिचौली जारी है। दो दिन चटख धूप खिलने के बाद आज शनिवार को एक बार देहरादून में मौसम खराब हो गया है। राजधानी में सुबह अचानक बादल छा गए। जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड का एहसास होने लगा। किंतु दोपहर होते-होते एकबार फिर चटख धूप दून के आसमान पर निकल आयी।

उधर रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, रानीखेत, जसपुर, काशीपुर, रुद्रपुर और पंतनगर में आसमान में बादल छाए हैं। यहां सर्द हवाएं चलने से ठंड में इजाफा हो गया है। पिथौरागढ़ में मौसम साफ है। रीठा साहिब, भीमताल और डीडीहाट में धूप खिली हुई है। रामनगर में कोहरा छाया हुआ है। बाजपुर में कोहरा और बादल छाए हैं। हरिद्वार में मौसम साफ है। यहां हल्की धूप के साथ ठंड का असर बना हुआ है। यमुनोत्री घाटी में बादल छाए हुए हैं। बर्फबारी के कारण कई दिनों से बंद पड़ा यमुनोत्री हाईवे अभी भी बंद हैं। मार्ग खोलने के प्रयास जारी है।

ठंड ने तोड़ा सात वर्षों का रिकार्ड

बारिश, बर्फबारी के बाद शीतलहर और गलन के कारण कुमाऊं के इलाकों में हाड़कंपाने वाली ठंड पड़ रही है। इस ठंड ने सात वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ा है। शुक्रवार सुबह से ही हल्द्वानी में धूप खिली थी। बावजूद इसके शीतलहर और गलन ने बेहाल कर रखा था।

अधिकतम तापमान 12.5 और न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी 88 प्रतिशत रही और हवाएं 4.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम दिशा से चलीं। मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 11.0 और न्यूनतम तापमान -1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से एक और न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा।

कोहरा छाने की संभावना

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 जनवरी को ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना जताई है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ 13 जनवरी से फिर सक्रिय होगा। 13 से 16 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है।

नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद, 124 परिवार कैद

पिथौरागढ़ जिले में बर्फ से पटे नामिक गांव को जाने वाले दोनों रास्ते बंद होने से 124 परिवार गांव में कैद हो गए हैं। विद्युत आपूर्ति भी दो दिन से बाधित है। ऐसे ही हाल उन इलाकों के भी हैं, जहां जमकर बर्फबारी हुई है। सड़कें बंद होने से ग्रामीण कई किलोमीटर पैदल आवाजाही को मजबूर हैं। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है।

बर्फबारी से पेयजल लाइनें ध्वस्त होने से कई इलाकों में लोग बर्फ पिघलाकर पानी पीने को मजबूर हैं। इधर, शुक्रवार को धूप खिलने से बर्फ पिघलने लगी है। इसके चलते शीतलहर ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया। पिथौरागढ़ जिले में थल-मुनस्यारी सड़क सातवें दिन भी नहीं खुली। इस सड़क पर भारी बर्फबारी के चलते फंसे ट्रक चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

यह चालक तीन दिन से ट्रक समेत चार से पांच फीट बर्फ में फंसा था। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालामुनि से मुनस्यारी तक 20 किमी के हिस्से में बर्फ जमा है। मुनस्यारी के लिए जौलजीबी-मदकोट मार्ग से वाहनों का संचालन हो रहा है। सब्जी, फल और राशन की आपूर्ति भी मदकोट-जौलजीबी सड़क से हो रही है। लोनिवि ने मुनस्यारी के गांवों को जोड़ने वाले पैदल मार्गों को खोलने के लिए मजदूर लगाए हैं। दर, बोंगलिंग, नागलिंग, दुग्तू, दांतू में तीन फीट तक बर्फ है। गुंजी, गर्ब्यांग, नाभी, कुटी में भी लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं।

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