आहा अलमोड़ा

अल्मोड़ा मेरा सपनों का शहर है। बचपन से गुलशन नंदा और रानू के उपन्यास को पढ़ती आयी थी। उनके उपन्यास में अधिकतर अल्मोड़ा, नैनीताल का जिक्र रहता था। 10वीं पढ़ते-पढ़ते...

13 जुलाई

आज 13 जुलाई है हमारी शादी की सालगिरह, ऊह शादी की सालगिरह या मेरी जिंदगी का अभिशाप यह कह कर उर्मि ने अपनी गर्दन को झटक दिया और अपनी साड़ी...

ट्रेड मिल

इतनी मोटी भी नहीं थी, वजन ५७ किलो ही था फिर भी पतली छरहरी होने का शौक इतना कि आए दिन कोई ना कोई प्लान बनता कुछ दिन अमल में...

चंदामामा

आओ रे आओ चंदामामा बहुत साल हुए तुम्हारे पूड़े खाए हुए, याद है तुमको तुम थाली में खाते थे और हमको प्याली में देते थे,प्याली हमसे टूट जाती थी और...

क्रेडिट

नंदना की अपनी भाभी से बिल्कुल नहीं बनती थी, कई सालों से बोलचाल भी नहीं थी, फिर भी वो उनके बड़े बेटे की पढ़ाई के खर्चे का जिम्मा बड़ी संजीदगी...
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