Shayari

engagement-1361074_1920 शिकायत 1 min read
तिरगी चीर के अब रौशनी आने को है, जाने क्यूँ शिकायत हमसे ज़माने को है। ना कहो कोई हमें ख़तावार लोगों, कौन सा रिश्ता अब... Read More...
देख कर भी तेरी बेवफ़ाई को नज़रों को यक़ीन नहीं होता, दिल है की कहता है, होगी कोई मजबूरी वरना आसमाँ टूट कर यूँ ज़मीं... Read More...