Milan Chowk, a short story by RadhikaSpeaks.com

मिलन चौक

पूरे देश में डेवलेपमेंट की लहर चल रही है, हर तरफ चाहे शहर हो या गाव इसकी चपेट में आया हुआ है. सबके रूप बदल रहे हैं, शहरों में माल, सुपर बाज़ार, बिग बाज़ार खुल गये हैं, गाव भी अछूते नहीं रहे, लहलहाते हुए खेत भी प्लॉटिंग के रूप ले रहे है, उन पर कोठियाँ, […]

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Dhalti Umr ki Shaam - ek khoobsoorat lekh. RadhikaSpeaks.com se

ढलती उम्र की शाम

उम्र की दहलीज़ पर, सांझ की आहट हो चुकी है, ख्वाहिशें थम जाती है, और सुकून की तलाश बढ़ जाती है. उक्त शेर को पढ़ कर मैं खुद एक गहन सोच में पड़ गयी. मेरे भी उम्र की दहलीज़ पर सांझ का आगमन हो गया है और सांझ के साए में ही जी रही हूँ. […]

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सास की कलम से

कल शाम फेसबुक में एक पोस्ट Momspresso में आधुनिका चौधरी का ब्लॉग :- क्या बेटा बहू साथ ना घूमें. में काफ़ी सारे कॉमेंट्स पढ़ने को मिले, लगभग हर कॉमेंट में सास को लेकर ही शिकायतें थी. वैसे तो ये हर घर की कहानी है. चाहे सास पढ़ी लिखी हो या अनपढ़ या कम पढ़ी लिखी […]

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जिंदगी

उलझी और बॅल्झी हुई सी जिंदगी, उन आधे अधूरे ख्वाब सी, जो कभी पूरी नहीं हो सकीं उन आधे अधपढ़े किताबों सी, जो तकिये के नीचे या फिर साइड टेबल पर रखी जिन्हें कोई पूरा पढ़ना नहीं चाहता सिर्फ़ बाहर से कवर देख कर लाइक का बटन दबाना जान ता है.

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५९वाँ सावन

उनसठवाँ सावन शुरू हो गया, जीवन का इतना लंबा सफ़र तय कर लिया मैने, ओह ईश्वर इतना लंबा सफ़र!! यकीन नहीं हो रहा है1 आज यादों के सरोवर में डुबकी लगाने का मन कर रहा है, यादों के झरोखों से पीछे मुड़ कर देखने की इच्छा हो रही है, याद आ रहा है बचपन का […]

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