Almora, Uttranchal, India
Dil se Short Stories Treasure House

आहा अलमोड़ा

अल्मोड़ा मेरा सपनों का शहर है। बचपन से गुलशन नंदा और रानू के उपन्यास को पढ़ती आयी थी। उनके उपन्यास में अधिकतर अल्मोड़ा, नैनीताल का जिक्र रहता था। 10वीं पढ़ते-पढ़ते गुलशन नन्दा के उपन्यास “कटी पतंग” को पढ़ने का अवसर मिला। अल्मोड़ा और नैनीताल की वादियों में रचा बसा कटी पतंग के ऊपर फिर फ़िल्म […]

Dil se Short Stories

13 जुलाई

आज 13 जुलाई है हमारी शादी की सालगिरह, ऊह शादी की सालगिरह या मेरी जिंदगी का अभिशाप यह कह कर उर्मि ने अपनी गर्दन को झटक दिया और अपनी साड़ी के पल्लू को कमर में खोंस कर कैलेंडर की तरफ बढ़ी और पन्ना पलट दिया और किचन की तरफ बढ़ गई। गैस पर चाय का […]

Dil se Short Stories Treasure House Uttrakhand

देखे और सोचे

आज दो घटनाओं ने मुझे बुरी तरह से झकझोर दिया। प्रथम बोझ उठा कर जाते हुए 70 साल के वृद्ध को देख कर और दूसरा गाड़ी में सीट न मिलने पर गाड़ी के पीछे लटक कर जाते हुए वृद्ध को देख कर। मेरे महान भारत में आज भी इस तरह जीने को मजबूर भारत की […]

Dil se News Room Poems Uttrakhand

क्लीन चिट

उदास निगाहें पथरा गयी उस माँ की, जिसकी मासूम और नाबालिग बेटी की अस्मत पे हाथ डाला था जिस आदमी ने , उसको क्लीन चिट दे दी गयी सरकार की तरफ से । अब कोई उम्मीद नहीं न्याय की , घुट घुट कर जियेंगी माँ बेटी जिंदगी भर, दिल पर रखे पहाड़ सा ये बोझ।

Modern Friendship - RadhikaSpeaks.com
Dil se Poems Treasure House

आधुनिक दोस्ती

बचपन की सखियों के संग खेलना, रूठना, मनाना। कुछ भी खाने का सामान बन्दर की तरह बांट कर खाना। खेल के मैदान में एकाएक खेल रोक कर तितलियों के पीछे भागना। कभी क्लास रूम में पीछे से आगे वाली सहेली की चुटिया खींचना कभी उसकी कुर्सी से दुपट्टा बांध देना। गर्मियों की दुपहरी में कच्चे […]

Milan Chowk, a short story by RadhikaSpeaks.com
Dil se Treasure House

मिलन चौक

पूरे देश में डेवलेपमेंट की लहर चल रही है, हर तरफ चाहे शहर हो या गाव इसकी चपेट में आया हुआ है. सबके रूप बदल रहे हैं, शहरों में माल, सुपर बाज़ार, बिग बाज़ार खुल गये हैं, गाव भी अछूते नहीं रहे, लहलहाते हुए खेत भी प्लॉटिंग के रूप ले रहे है, उन पर कोठियाँ, […]

Dhalti Umr ki Shaam - ek khoobsoorat lekh. RadhikaSpeaks.com se
Dil se

ढलती उम्र की शाम

उम्र की दहलीज़ पर, सांझ की आहट हो चुकी है, ख्वाहिशें थम जाती है, और सुकून की तलाश बढ़ जाती है. उक्त शेर को पढ़ कर मैं खुद एक गहन सोच में पड़ गयी. मेरे भी उम्र की दहलीज़ पर सांझ का आगमन हो गया है और सांझ के साए में ही जी रही हूँ. […]

Dil se

सास की कलम से

कल शाम फेसबुक में एक पोस्ट Momspresso में आधुनिका चौधरी का ब्लॉग :- क्या बेटा बहू साथ ना घूमें. में काफ़ी सारे कॉमेंट्स पढ़ने को मिले, लगभग हर कॉमेंट में सास को लेकर ही शिकायतें थी. वैसे तो ये हर घर की कहानी है. चाहे सास पढ़ी लिखी हो या अनपढ़ या कम पढ़ी लिखी […]

Dil se Poems

जिंदगी

उलझी और बॅल्झी हुई सी जिंदगी, उन आधे अधूरे ख्वाब सी, जो कभी पूरी नहीं हो सकीं उन आधे अधपढ़े किताबों सी, जो तकिये के नीचे या फिर साइड टेबल पर रखी जिन्हें कोई पूरा पढ़ना नहीं चाहता सिर्फ़ बाहर से कवर देख कर लाइक का बटन दबाना जान ता है.