सब्जीमंडी का मुआयना कर भावना पांडे ने की जांच की मांग

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देहरादून। एक बार फिर निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी पहुंची जनता कैबिनेट पार्टी (जेसीपी) की केंद्रीय अध्यक्ष एवँ लोकप्रिय समाजसेवी भावना पांडे ने वहां का भ्रमण कर मौजूदा हालातों का जायज़ा लिया। इस दौरान उन्होंने ताज़ा स्थितियों पर दुःख एवँ रोष जताया।

गौरतलब है कि पिछले काफी वर्षों से जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहीं भावना पांडे हमेशा ही आमजन से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को उठाती रही हैं। इसी क्रम में उन्होंने हाल ही में देहरादून की निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी का औचक भ्रमण कर वहां का निरीक्षण किया। साथ ही वहाँ के ताज़ा दृश्यों को अपने मोबाइल के कैमरे में भी क़ैद किया।

इस दौरान उन्होंने कईं सब्ज़ी विक्रेताओं एवँ सब्ज़ी के सप्लायरों से भी वार्ता की। उन्होंने बातचीत के दौरान पाया कि वहाँ लगभग सभी सब्ज़ियां उत्तराखंड के बाहरी राज्यों से लाकर बेची जा रही हैं। साथ ही अधिकतर सब्ज़ी विक्रेता भी बाहरी राज्यों से यहाँ आये हुए नज़र आये।

भावना पांडे ने सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो में अपनी बात रखते हुए कहा कि सब्ज़ी मंडी का वीडियो बनाते वक्त कुछ सब्जी विक्रेताओं ने उनका विरोध किया। उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एक स्थानीय नेता ने अपने कुछ समर्थकों के साथ उन्हें घेर लिया एवँ उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया।

वहीं इस पूरे प्रकरण पर मीडिया से बातचीत के दौरान दुख एवँ रोष प्रकट करते हुए भावना पांडे ने सवाल खड़ा किया कि आखिर क्या वजह है जो बाहरी राज्यों से फल और सब्ज़ियां लाकर देहरादून में बेची जा रही हैं, जबकि उत्तराखंड में सब्जियों के उत्पादन की कोई कमी नहीं है।

उन्होंने उत्तराखंड सरकार से मांग करते हुए कहा कि बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में लाकर बेची जा रही सब्ज़ियों के कारोबार पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की गलत नीतियों की वजह से आज राज्य का बागवान भुखमरी के कगार पर खड़ा है। प्रदेश के किसानों की सब्जियां सड़कर खराब हो जाती हैं जबकि बाहरी राज्यों के फल व सब्ज़ियों को महत्व दिया जा है।

गौरतलब है कि जनता कैबिनेट पार्टी (जेसीपी) की केंद्रीय अध्यक्ष एवँ लोकप्रिय समाजसेवी भावना पांडे द्वारा बनाया गया यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिस पर लोग भावना पांडे के समर्थन में कमेंट कर इस वीडियो को शेयर भी कर रहे हैं।

उन्होंने सरकार के कार्यों पर उंगली उठाते हुए प्रश्न किया कि आखिर क्या वजह है जो बाहरी राज्यों के लोगों को देहरादून मंडी में सब्जी बेचने की इजाज़त दी जा रही है। उन्होंने बाहरी राज्यों से आये सब्ज़ी विक्रेताओं की जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि आखिर ये कौन लोग हैं जो मंडी की सड़कों पर दुकानें सजाकर सब्ज़ियां बेच रहे हैं, क्या इन्हें कोई परमिट या लाइसेंस जारी किया गया है। आखिर किसकी अनुमति से ये लोग सरकारी जमीन पर अपनी दुकानें चला रहे हैं और इसका मुनाफा किसकी जेब में जा रहा है इसकी पूरी पड़ताल की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी के भीतर ही दुकानदारों ने फल व सब्जियों के अलग-अलग दाम निर्धारित किये हुए हैं। जिस वजह से मंडी के भीतर सब्ज़ी खरीदने आने वाला ग्राहक असमंजस में खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है। उन्होंने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आम आदमी का सब्जी मंडी में आने का क्या लाभ जब दुकानदारों ने यहाँ इतनी लूट मचाई हुई है।

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