आज की द्रौपदी

आजकल राजनीतिक हलकों में एक नाम बहुत ही ज्यादा संज्ञान में आ  रहा है।  नाम है द्रौपदी मुर्मू जो भारत के अगले राष्ट्रपति के लिए प्रत्याशी घोषित हुई है।  आइए जानते हैं द्रौपदी मुर्मू कौन हैं और कहां से हैं। द्रौपदी मुर्मू का जन्म २० जून १९५८ को ओड़िशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में एक संथाल परिवार में हुआ […]

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उत्तराखंड

भूमि यह देवों की, देवालय उत्तराखंड।पर्वत, उत्तुंग नदियां, विस्तृत हिमखंड।। दामन‌ में बहें सरिता, कल-कल निनाद मय।झरने विरल निरंतर धरनि पर हों विलय।।कहीं शांत ये धाराएं, कहीं बहती है प्रचंड ।भूमि यह देवों की, देवालय उत्तराखंड।। पर्वत शिखर पर खेलें रवि रश्मियों के रंग।फ्यूली, बुरांश, काफल, देवदार, चीड़, भंग।।भट्ट, गहत, मरुआ किस्में हैं बहु अनन्त।भूमि […]

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ओमी क्रोन से बचाव – इम्यूनिटी बूस्टर

ओमिक्रोन से बचाव – इम्युनिटी बूस्टर सर्दियों का मौसम चल रहा है और कोरोना वायरस एक बार फिर ओमिक्रोन का  रूप लेकर लोगों में दहशहत फैला रहा है। ओमिक्रॉन के मामले तेजी से समस्त विश्व में बढ़ रहे हैं। भारत में ओमिक्रॉन संक्रमण के  ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य सम्भाग  लोगों से लगातार […]

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गोपी आंटी की समस्या

क्या हो गया गोपी आंटी….क्यों इतना परेशान है आप?  क्यों बड़बड़ा रही है अकेले-अकेले? रोज की तरह कृष्णा मॉर्निंग वॉक जाते हुए गोपी आंटी को बड़े से आंगन बुहारते  देखकर बोली। अरे तुम्हें क्या बताऊं अपनी कहानी अपनी परेशानी  ……मैं तो बहुत परेशान हो गई हूं। गोपी आंटी ने अपनी धोती के पल्लू से अपना […]

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स्कूल चले – मां का सपना

अनपढ़ माँके सपनेजाएं स्कूलबच्चे  अपने दिनभर  करतीमजदूरी,देखतीखुली आँखोंसे सपने जहाज उड़ाएगाबेटा, मास्टरनीबनेगी बड़ी बेटीछुटकी को शौकहुक्म चलाने  का,कलक्टरनी लगतीअभी से, मुस्कराती माँबेख़याली में। तभी कंकर कोईचुभा नंगे पैरोंउठी टीसजगी तन्द्राऔर खो गयासुहाना सपनास्कूल का। राधा गौरांग (राधिका)अक्टूबर 2021

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कैलाश पर्वत

भारतीय संस्कृति में भारतवर्ष की कल्पना एक प्राणवान सत्ता (living entity) के रूप में की गई है, जिसमें भारतवर्ष की उत्तरी सीमा में कैलाश पर्वत के रूप में बर्फ़ की सफ़ेद भस्म रमाए अचल योगी की तरह त्रिपुंडधारी परम-पिता शिव के विराजमान होने की कल्पना है। भगवान शिव के हृदय से लिपटी माँ पार्वती (पर्वत […]

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कैलाश पर्वत

भारतीय संस्कृति में भारतवर्ष की कल्पना एक प्राणवान सत्ता (living entity) के रूप में की गई है, जिसमें भारतवर्ष की उत्तरी सीमा में कैलाश पर्वत के रूप में बर्फ़ की सफ़ेद भस्म रमाए अचल योगी की तरह त्रिपुंडधारी परम-पिता शिव के विराजमान होने की कल्पना है। भगवान शिव के हृदय से लिपटी माँ पार्वती (पर्वत […]

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एक मुलाक़ात

एक मुलाक़ात एक शाम उधार ही तो मांगी थी आपसे, वो भी देते नही बना। कब तक ऐसे मुहँ छिपाते रहेंगे। मिलना तो फिर भी पड़ेगा ही। निवेश ने मोबाइल खोला तो उसमें विश्वा का मैसेज आया हुआ था। हल्के से मुस्कराया और मेसेज को डिलीट कर दिया। पागल हो गयी है लड़की। ना तो […]

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फौजी की बीवी

फौजी की बीवी सुमित्रा देवी पोस्ट ऑफिस के काउंटर पर खड़ी अपने एरिया के पोस्ट मैन से लड़ रही थीं कि उनका मनी आर्डर अभी तक यहाँ क्यों नही पहुँचा। जब कि उनके पति ने 14 दिन पहले भेज दिया था। मनी ऑर्डर को यहां आने में  सिर्फ सात दिन लगते है, जबकि आज 14 […]

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मेरा देहरादून

देहरादून उत्तराखण्ड की शान है।  चाहे मौसम के हिसाब से हो या क्षेत्र के हिसाब से हो, लोगों के रहन सहन के हिसाब से हो, या शिक्षा के हिसाब से हो, खाने पीने के हिसाब से हो या फैशन के हिसाब से हो,  हर लिहाज से बेहतरीन है। देहरादून द्रोणाचार्य  की नगरी है। तो सिक्खों […]

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