13 जुलाई

आज 13 जुलाई है हमारी शादी की सालगिरह, ऊह शादी की सालगिरह या मेरी जिंदगी का अभिशाप यह कह कर उर्मि ने अपनी गर्दन को झटक दिया और अपनी साड़ी के पल्लू को कमर में खोंस कर कैलेंडर की तरफ Read more

देखे और सोचे

आज दो घटनाओं ने मुझे बुरी तरह से झकझोर दिया। प्रथम बोझ उठा कर जाते हुए 70 साल के वृद्ध को देख कर और दूसरा गाड़ी में सीट न मिलने पर गाड़ी के पीछे लटक कर जाते हुए वृद्ध को Read more

एक शाम

वो जो शाम गुजरी तुम्हारे संग बड़ी अच्छी सी शाम थी। सोचा था पता नहीं कैसे सामना होगा तुमसे, कैसे तुमसे बातें करेंगे। क्या हम पूछेंगे तुमसे और क्या तुम कहोगे। बड़े कश्मकश में फंसे थे हम, शुरू कहाँ से Read more

क्लीन चिट

उदास निगाहें पथरा गयी उस माँ की, जिसकी मासूम और नाबालिग बेटी की अस्मत पे हाथ डाला था जिस आदमी ने , उसको क्लीन चिट दे दी गयी सरकार की तरफ से । अब कोई उम्मीद नहीं न्याय की , Read more

Modern Friendship - RadhikaSpeaks.com

आधुनिक दोस्ती

बचपन की सखियों के संग खेलना, रूठना, मनाना। कुछ भी खाने का सामान बन्दर की तरह बांट कर खाना। खेल के मैदान में एकाएक खेल रोक कर तितलियों के पीछे भागना। कभी क्लास रूम में पीछे से आगे वाली सहेली Read more

शाम बाबू – पार्ट 2

आज तो शाम बाबू बहुत ही खुश है। हो भी क्यों ना ? आज उनके घर की पुताई हो रही थी। बेचारे जब तक जिंदा रहे, हर तरह से जुगाड़ करने की कोशिश करते रहे कि किसी तरह से घर Read more

हिसाब नाकामियों का

मत पूछो मेरी नाकामियों का हिसाब, बस इतना समझ लो के तुम न आते मेरी जिंदगी में, जिंदगी का ये हाल न होता। लोग अब भी किया करते है जिक्र तुम्हारा, और चेहरे पे मेरे, टिका लेते है निगाहें, क्या Read more

kyo lagtey ho ajnabee se

क्यों लगते हो अजनबी से

क्यों लगते हो अजनबी से, जबकि तुम मेरे अपने हो। क्यों नज़र आते हो दूर , जबकि पास मेरे रहते हो। तुम्हें चाहा बड़ी शिद्दत से, लेकिन तुम्हारी चाहत पाने को तरसते रहे, तुम मेरे अपने बन तो गए पर Read more

Aaya Mausam Faagh Ka

आया मौसम फाग का

बहुत हुआ ये घोर चुप, अब तो कुछ बोल दो, आया मौसम फाग का, अँखियों से ही कुछ रंग घोल दो, ना लगो गले हमसे, ना सही, तिरछी नज़रों से ही देख लो, सतरंगी हो जाएगा मौसम, एक बार मुस्करा के कुछ बोल दो. 

Milan Chowk, a short story by RadhikaSpeaks.com

मिलन चौक

पूरे देश में डेवलेपमेंट की लहर चल रही है, हर तरफ चाहे शहर हो या गाव इसकी चपेट में आया हुआ है. सबके रूप बदल रहे हैं, शहरों में माल, सुपर बाज़ार, बिग बाज़ार खुल गये हैं, गाव भी अछूते Read more