अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर चढ़ा बुजुर्ग, जानिए वजह

Breaking News Uttrakhand

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में 56 वर्षीय बुजुर्ग दाताराम ममगाई हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर पांचवें माले पर चढ़ गए। उन्होंने ऐसा एम्स से निष्कासित कर्मचारियों की पुनः बहाली की मांग को लेकर किया।सोमवार को सुबह करीब नौ बजे हुई इस घटना से संस्थान प्रबंधन के हाथ पैर फूल गए। पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची गई। बाहर संस्थान के कर्मचारियों और छात्र -छात्राओं की भीड़ लग गई। खबर लिखे जाने तक दाताराम पांचवें माले पर ही थे। इस दौरान निष्कासित कर्मचारियों के समर्थन में राज्य मंत्री भगत राम कोठारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यदि निष्कासित कर्मचारियों की बहाली के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं आता है तो भी वह इनके साथ डटे रहेंगे।

तहसीलदार रेखा आर्य और कोतवाल रितेश शाह, एम्स डायरेक्टर प्रोफेसर रवी कांत से वार्ता करने उनके कक्ष में गए। इसके बाद निष्कासित कर्मचारियों के प्रतिनिधि एम्स के डिप्टी डायरेक्टर अंशुमान गुप्ता से मिले, लेकिन कर्मचारियों की वार्ता बेनतीजा रही। राज्य मंत्री भगतराम कोठारी ने कहा कि जब तक निष्कासित 60 कर्मचारियों की बहाली नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। मेयर अनिता ममगाई के नेतृत्व में एक बार फिर 10 लोग डिप्टी डायरेक्टर से मिले। लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।

इस मामले में एम्स के निदेशक प्रो. रविकांत का कहना है कि वही लोग संस्थान में हंगामा कर रहे हैं जो पांच बार परीक्षा में फेल हो चुके हैं। नियमों के विपरीत जाकर नियुक्ति नहीं हो सकती है। परीक्षा में शामिल होने का मौका फिर मिलेगा। जो लोग पास होंगे उन्हें नौकरी पर रखा जाएगा।

बता दें कि एम्स से निष्कासित कर्मचारी 50 दिन धरना दे रहे हैं। रविवार को कर्मचारियों ने स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल के घर पहुंचकर चूड़ियां भेंट की थी। अनशन पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग पर जल्द संज्ञान न लिया गया तो उनका प्रदर्शन और उग्र हो जाएगा। एम्स से निष्कासित कर्मचारी शिवानी कपरुवान, पूजा कठैत और पिथौरागढ़ की सोनिया चंद ने कहा कि यदि उनकी जल्द बहाली नहीं होती है, तो जल्द स्थानीय जनप्रतिनिधियों को साड़ी भी भेंट की जाएगी।

Leave a Reply