निशान कदमों के

Poems

रेत पर निशान यूँ
कदमों के
ना छोड़ते चलो,
इक दिन कोई
लहर आएगी
निशान मिटा के
चली जाएगी

छोड़ना ही है अगर
निशान तो
किसी चट्टान पे छोड़ो,
जिसे कोई मिटा नहीं पाएगा.

राधिका

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